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Thu. Feb 12th, 2026

अखिलेश बोले- काशी ही BJP के विनाश का कारण बनेगी:प्रियंका ने कहा- मणिकर्णिका घाट को मिटाना पाप

वाराणसी : काशी के महा श्मशान मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस और सपा ने सवाल उठाया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- अविनाशी काशी ही भाजपा के विनाश का कारण बनेगी। भाजपा ये सब सिर्फ पैसे कमाने के लिए कर रही।

प्रियंका गांधी ने X पर लिखा- देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करके प्रधानमंत्री से 2 सवाल पूछे।

दरअसल, मणिकर्णिका घाट पर 25 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास परियोजना का काम चल रहा है। इसके तहत मणिकर्णिका घाट को तोड़ा गया है। इससे निकले मलबे को बड़ी नाव की मदद से गंगा पार भेजा जा रहा है। तोड़फोड़ के दौरान मिले कलाकृतियों को जिला प्रशासन ने सांस्कृतिक विभाग के मदद से संरक्षित करके गुरुधाम में रखवाया है।

यह विश्वनाथ मंदिर के तरफ का हिस्सा जहां पिलर का काम चल रहा है।

यह विश्वनाथ मंदिर के तरफ का हिस्सा जहां पिलर का काम चल रहा है।

यह वह भाग जहां मणि टूटी थी, अब मलबे को हटाया जा रहा है।

यह वह भाग जहां मणि टूटी थी, अब मलबे को हटाया जा रहा है।

प्रियंका ने लिखा- सांस्कृतिक पहचान मिटा रहे

प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा- बनारस में मणिकर्णिका घाट पर बुल्डोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मणिकर्णिका घाट और इसकी प्राचीनता का धार्मिक महत्व तो है ही, इससे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की स्मृतियां भी जुड़ी हैं।

विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यवसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इसके पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने अनेक मंदिर ध्वस्त किए जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने की ये साजिशें तत्काल बंद होनी चाहिए।

खड़गे ने लिखा- क्या धरोहर को मिटाकर नेम प्लेट चिपका देंगे

मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को टैग करके X पर लिखा- क्या इन सब के पीछे व्यवसायिक मित्रों को फायदा पहुंचाने की मंशा है? जल, जंगल, पहाड़, सब आपने उनके हवाले किए हैं, अब सांस्कृतिक विरासत की बारी आ गई है।

जीर्णोद्धार, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण विरासत को सहेज कर भी हो सकता था?

पूरे देश को याद है संसद परिसर से आपकी सरकार ने किस तरह से महात्मा गांधी, बाबासाहेब अंबेडकर समेत भारत की महान हस्तियों की प्रतिमाओं को बिना किसी राय-मशवरे के एक कोने में रखवा दिया।

जलियांवाला बाग मेमोरियल की दीवारों से इतिहास से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को इसी Renovation के नाम पर मिटाया गया।

सैकड़ों साल पुरानी मूर्तियों को मलबे में क्यों डाला, किसी म्यूजियम में संभाल कर रखा जा सकता था?

आपने दावा किया था “मां गंगा ने बुलाया है” आज आपने मां गंगा को भुला दिया है। बनारस के घाट बनारस की पहचान हैं। क्या आप इन घाटों को जनता की पहुंच से दूर करना चाहते हैं? लाखों लोग हर वर्ष काशी मोक्ष प्राप्ति के लिए अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आते हैं। क्या आपकी मंशा इन श्रद्धालुओं से विश्वासघात करने की है ?

‘भाजपा को न काशी और न ही काशी वासियों से मतलब’

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा- राजमाता, पुण्यश्लोक, धर्मरक्षिका पूजनीय देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की मूर्ति के अपमान और उनकी सनातनी काशी-विरासत के प्रति तिरस्कार पूर्ण कार्रवाई को कोई भी सच्चा आस्थावान नहीं सहेगा।

भाजपाई ये सब काम सिर्फ पैसा कमाने के लिए कर रहे हैं, उनको न काशी से मतलब है न काशी वासियों से, न उनसे जुड़े किसी ऐतिहासिक महान व्यक्तित्व से। अविनाशी काशी ही भाजपा के विनाश का कारण बनेगी।

मणिकर्णिका काशी के 84 प्रमुख घाटों में शामिल है। यह देवी अहिल्याबाई होल्कर के बनाए 5 घाटों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी जगह पर भगवान विष्णु की मणि गिरी थी, जिससे इसका नाम मणिकर्णिका पड़ा। पारंपरिक स्थापत्य, ऐतिहासिक शिल्पकला और धार्मिक आस्था जुड़ी है। देवी अहिल्याबाई ने यहां तीर्थयात्रियों के लिए कई काम कराया था।

अब इस घाट को तोड़ा जा रहा है। यहां नए सिरे से घाट तैयार होगा, इसकी डिजाइन फाइनल है। मणिकर्णिका घाट को साल-1771 में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया था। फिर 1791 में उन्होंने ही इसका जीर्णोद्धार कराया था। लोगों ने जब मलबे में अहिल्याबाई की मूर्ति देखी, तो विरोध शुरू कर दिया।

लोगों के विरोध के बाद DM सत्येंद्र ने कहा- घाट की मूर्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्हें सुरक्षित रखा गया है। कुछ लोग AI से घाट के गलत वीडियो बनाकर जारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को ट्रेस किया जा रहा है।

दरअसल, PM मोदी ने साल- 2023 में इस काम का शिलान्यास किया था। बाढ़ की वजह से करीब डेढ़ साल से काम बंद था। अब इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट को नए तरीके से तैयार किया जा रहा है।

घाट पर हाइड्रा की मदद से पक्के घाट को तोड़ा गया है। इसी कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद 300 साल पुरानी मणि (पत्थर की बनी हुई संरचना) भी हटाई गई है‌। लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

महारानी अहिल्याबाई ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत होल्कर ने नगर आयुक्त से मिलकर मूर्तियों को उसी जगह पर स्थापना की मांग की है।

महारानी अहिल्याबाई ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत होल्कर ने नगर आयुक्त से मिलकर मूर्तियों को उसी जगह पर स्थापना की मांग की है।

महारानी अहिल्याबाई की 2 मूर्तियां खंडित हुईं

महारानी अहिल्याबाई ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत होल्कर महारानी की तोड़ी गई मूर्तियों के सामने क्षमा याचना और शुद्धि पूजन के लिए गुरुधाम मंदिर पहुंचे। दो खंडित और दो साबुत मूर्तियां यहीं रखी हैं। उन्होंने कहा- काशी में रानी अहिल्याबाई की मूर्ति का अपमान अक्षम्य है। काशी में उनकी स्मृतियों के साथ ऐसे आचरण की कल्पना भी इंदौर राजपरिवार को नहीं थी।

ट्रस्ट और इंदौर राजपरिवार इसकी कटु शब्दों में भर्त्सना करता है। मणिकर्णिका घाट की मढ़ी के 4 किनारों पर बनीं रानी मां की चार मूर्तियां तोड़ी गईं। इनमें से दो खंडित नहीं हैं, लेकिन अन्य दो का निचला हिस्सा ही मिला है। उनका शेष हिस्सा सात दिन में हमें उपलब्ध कराया जाए।

घाट पर यह वह मणि जिसे तोड़ा गया है। इसमें लगी मूर्तियां खंडित हुई हैं।

घाट पर यह वह मणि जिसे तोड़ा गया है। इसमें लगी मूर्तियां खंडित हुई हैं।

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