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Wed. Mar 4th, 2026

EPFO UPI Withdrawal: अप्रैल से UPI से निकलेगा PF का पैसा, समझें कैसे सेकेंडों में होगा पेमेंट?

  • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अप्रैल 2026 से अपने 8 करोड़ सदस्यों के लिए UPI के माध्यम से PF निकासी की सुविधा शुरू करेगा

दैनिक उजाला, बिज़नेस डेस्क : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रहा है। अप्रैल 2026 से EPFO सदस्य अपने EPF का पैसा UPI के जरिये सीधे बैंक खाते में पहुंच जाएगी। इसका मतलब PF निकालना उतना ही आसान होगा, जितना UPI से पेमेंट करना। जैसे आप फोन पे, गूगल पे, पेटीएम से UPI का इस्तेमाल करते हैं। श्रम मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि इस नई व्यवस्था पर काम अंतिम चरण में है और सॉफ्टवेयर से जुड़ी खामियों को दूर किया जा रहा है।

UPI से EPF निकासी कैसे होगी?

नई प्रणाली के तहत EPFO सदस्य अपने खाते में उपलब्ध ”eligible EPF balance” को देख सकेंगे। इसमें से एक हिस्सा सुरक्षित (फ्रोजन) रहेगा, जबकि बड़ा हिस्सा UPI के ज़रिये निकासी के लिए उपलब्ध होगा।
सदस्य अपने बैंक खाते से लिंक्ड UPI पिन डालकर ट्रांजैक्शन पूरा कर सकेंगे। पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा, जिसके बाद उसे ATM से निकाला जा सकेगा या डिजिटल पेमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

अब तक PF निकालने में क्या दिक्कत थी?

फिलहाल EPFO सदस्यों को PF निकालने के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता है। हालांकि ऑटो-सेटलमेंट मोड में क्लेम तीन दिन के भीतर निपट जाता है, फिर भी यह प्रक्रिया समय लेने वाली मानी जाती है।
हर साल EPFO को 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम निपटाने पड़ते हैं, जिनमें अधिकांश PF निकासी से जुड़े होते हैं। नई UPI-आधारित व्यवस्था इसी बोझ को कम करने के लिए लाई जा रही है।

ऑटो-सेटलमेंट की सीमा कितनी है?

EPFO ने पहले ही ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इससे बीमारी, शिक्षा, शादी और मकान जैसे जरूरी कामों के लिए सदस्य तीन दिन के भीतर PF निकाल पा रहे हैं।

EPFO सीधे ATM जैसा सिस्टम क्यों नहीं दे सकता?

रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वह सीधे EPF खाते से नकद निकासी की सुविधा नहीं दे सकता। लेकिन सरकार चाहती है कि EPFO की सेवाएं बैंकों के बराबर हों और UPI इसी दिशा में बड़ा कदम है।

PF के नियमों में और क्या बदला है?

अक्टूबर 2025 में EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था Central Board of Trustees (CBT) ने PF आंशिक निकासी के नियमों को सरल बनाने को मंजूरी दी थी।
अब 13 जटिल प्रावधानों को मिलाकर सिर्फ तीन कैटेगरी बनाई गई हैं।

  • Essential Needs (बीमारी, शिक्षा, विवाह)
  • Housing Needs
  • Special Circumstances

इन नए नियमों को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द अधिसूचित किया जाएगा।

क्या पूरा PF निकाला जा सकेगा?

हां। नए प्रावधानों के तहत सदस्य अपने EPF खाते में उपलब्ध 100% योग्य राशि, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंश निकाल सकेंगे। हालांकि, योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि खाते में कम से कम 25% योगदान हमेशा न्यूनतम बैलेंस के रूप में बना रहेगा, ताकि 8.25% सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहे और रिटायरमेंट कॉर्पस सुरक्षित रहे।

इस बदलाव से सदस्यों को क्या फायदा होगा?

  • क्लेम फाइल करने की जरूरत लगभग खत्म
  • तेज, सुरक्षित और आसान निकासी
  • EPFO पर प्रशासनिक बोझ कम

डिजिटल इंडिया के अनुरूप PF सेवाएं

कुल मिलाकर, EPFO की UPI-आधारित निकासी सुविधा PF को एक “लॉक्ड रिटायरमेंट फंड” से बदलकर जरूरत के समय तुरंत उपलब्ध वित्तीय सहारा बना देगी वह भी बिना लंबी प्रक्रिया और कागजी झंझट के होगा।

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