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अयोध्या के GST अफसर ने वापस लिया इस्तीफा:योगी के सपोर्ट में नौकरी छोड़ी थी, विकलांगता पर क्लीन चिट का दावा झूठा निकला

अयोध्या : अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा वापस ले लिया है। 4 दिन बाद फैसले से पलटने वाले अफसर ने कहा- मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है। फिलहाल मैं अपने दफ्तर में काम कर रहा हूं। उन्होंने 27 जनवरी को सीएम योगी का सपोर्ट करते हुए इस्तीफा दिया था।

अफसर ने प्रयागराज माघ मेले में की गई शंकराचार्य की टिप्पणी पर जवाब दिया था। कहा था- मैं योगीजी के बारे में एक शब्द नहीं सुन सकता। ठेला गाड़ी (पालकी) पर बैठकर कोई सीएम को उल्टा-सीधा नहीं कह सकता। वो हमारे अन्नदाता हैं। वहीं, शिकायत करने वाले अपने भाई को उन्होंने मुख्तार गैंग का सदस्य भी बताया।

जीएसटी अफसर पर भाई ने नौकरी पाने के लिए विकलांगता के फर्जी सर्टिफिकेट का आरोप लगाया था। प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले में मऊ सीएमओ से क्लीन चिट मिल गई है। जबकि, सीएमओ ने इस दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अफसर को जांच के लिए बुलाया। मगर वे नहीं आए।

GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने 27 जनवरी को सीएम योगी के सपोर्ट में इस्तीफा दे दिया था।

GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने 27 जनवरी को सीएम योगी के सपोर्ट में इस्तीफा दे दिया था।

भाई ने कहा था- प्रशांत ने नौकरी के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया

प्रशांत के इस्तीफे के बाद भाई विश्वजीत ने आरोप लगाते हुए कहा था- प्रशांत को दिव्यांग कोटे से नौकरी मिली थी। उनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र फर्जी है। इस शिकायत के बाद प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने राज्य कर आयुक्त नितिन बंसल से रिपोर्ट तलब की थी।

विश्वजीत ने अपनी बहन जया सिंह पर भी दिव्यांगता का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया। जया सिंह इस समय कुशीनगर के हाटा तहसील में तहसीलदार हैं। उन्होंने भी कहा था कि भाई के आरोप निराधार हैं। मैं जांच के लिए तैयार हूं। ये आरोप पारिवारिक झगड़े के कारण लगाए जा रहे।

अफसर बोले- मेरा भाई मुख्तार गैंग का सदस्य

प्रशांत कुमार सिंह ने भाई विश्वजीत सिंह पर गंभीर आपराधिक आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वजीत, मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है। वह उसका फाइनेंशियल एडवाइजर भी रहा है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। विश्वजीत ने अपने माता-पिता के साथ मारपीट की, जिस मामले में एफआईआर भी दर्ज है।

CMO बोले- जीएसटी अफसर को क्लीन चिट नहीं दी

मऊ सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया- प्रशांत सिंह को हमारे ऑफिस से कोई क्लीन चिट नहीं दी गई है। अयोध्या सीएमओ ने उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र की प्रमाणिकता सत्यापित करने को कहा था। हमारे यहां से जवाब दिया गया कि 2009 में जारी किया गया प्रमाण पत्र हमारे कार्यालय से ही जारी किया गया था।

जीएसटी अफसर को 2021 में दो बार मेडिकल बोर्ड के सामने प्रस्तुत होने के लिए बुलाया गया था। हालांकि, वह उस समय उपस्थित नहीं हुए। बीते शनिवार 30 जनवरी को भी उन्हें आजमगढ़ कार्यालय में उपस्थित होकर प्रमाण पत्र की जांच करवाने के लिए कहा गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार के इस्तीफा देने के बाद उनके ऑफिस में ताला लगा दिया गया था।

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार के इस्तीफा देने के बाद उनके ऑफिस में ताला लगा दिया गया था।

कारोबारी का आरोप- अफसर ने 8 लाख की डिमांड की

GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर अयोध्या के कपड़ा कारोबारी लक्ष्मण दास ने गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 2 अप्रैल को प्रशांत कुमार ने टीम के साथ दुकान पर आकर छापा मारा था। सर्वे के नाम पर फर्जी तरीके से 8 लाख की डिमांड की थी। गाली देते हुए धमकाया था। लक्ष्मण दास ने कोर्ट में याचिका लगाई है।

पत्नी से बात करते-करते फोन पर रोने लगे थे GST अफसर

प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा देने के बाद पत्नी से फोन पर बात करते हुए एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें उन्होंने रोते हुए पत्नी से कहा- मन बेहद व्यथित था। मैंने इस्तीफा दे दिया है। मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ।

जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए। मैं बहुत पीड़ा में था। मैं उसी प्रदेश से वेतन लेता हूं, उसी सरकार के तहत काम करता हूं। अगर उसी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक बातें हों और मैं चुप रहूं, तो यह मेरे लिए संभव नहीं है।

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