- MP का आईएएस पति-पत्नी से विवाद
उदयपुर : उदयपुर से भाजपा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत का IAS पति-पत्नी अंकित कुमार सिंह और अंजलि राजोरिया से विवाद बढ़ता जा रहा है।
सांसद रावत IAS अंजलि राजोरिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। सांसद इस विषय को लेकर बहुत गंभीर हैं। इसको लेकर विशेषज्ञों के साथ भी चर्चा कर चुके हैं।
इस बीच सांसद ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। दोनों पति-पत्नी का ट्रांसफर कर दिया है।
जब सांसद से दैनिक भास्कर ने बात की तो उन्होंने कहा कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का विकल्प खुला है। उन्होंने कहा- अफसरों को सरकार के निर्देशों का पालन करना ही होगा। मुख्य सचिव को भी लेटर लिखा था और यह मामला संसद में भी उठाया गया।
सांसद का आरोप है कि अंजलि राजोरिया ने प्रतापगढ़ कलेक्टर रहते हुए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) के तहत स्वीकृत कार्यों को जानबूझकर रोककर रखा। एक बैठक में शिक्षा, पानी और ग्रामीण विकास सहित 54 विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। इन सभी कार्यों के लिए सरकार ने वित्तीय स्वीकृति भी दे दी थी। इसके बावजूद प्रतापगढ़ की तत्कालीन कलेक्टर ने सिर्फ 3 कार्यों को ही आगे बढ़ाया।
सांसद का यह भी कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक विवेक के बजाय व्यक्तिगत अहंकार के चलते लिया गया। इससे प्रधानमंत्री के विकास विजन को नुकसान पहुंचता है। इससे पहले 8 दिसंबर, 2025 को सांसद और कलेक्टर के बीच विवाद हुआ था।

IAS अंकित कुमार सिंह से क्यों है टकराव
सांसद रावत का अंजलि राजोरिया के पति अंकित कुमार सिंह से भी विवाद है। सांसद ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से अंकित कुमार सिंह की शिकायत की थी।
दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में डूंगरपुर जिले की दिशा समिति की बैठक में डॉ. मन्नालाल रावत सह-अध्यक्ष के नाते मौजूद थे। बैठक में डूंगरपुर के तत्कालीन कलेक्टर अंकित कुमार सिंह भी थे।
इस दौरान डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने सूची से बाहर के विषय पर बोलना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर सांसद रावत और रोत के बीच जोरदार विवाद हो गया।
सांसद रावत का कहना है कि इसको रोकने का काम कलेक्टर का था, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया। इसी को लेकर कलेक्टर की शिकायत की गई थी।

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने 27 मार्च को संसद में भी यह मुद्दा उठाया था।
सांसद ने संसद में कहा था कलेक्टर अहंकार में
27 मार्च को सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने अंजलि राजोरिया के DMF में मंजूर कामों को रोकने का मुद्दा संसद में भी उठाया था। उन्होंने कहा था- कलेक्टर ने अपने दंभ और अहंकार के कारण 54 में से केवल 3 ही काम स्वीकृत किए।
ऐसा होता है तो प्रधानमंत्री का सपना पूरा नहीं हो पाएगा। डीएमएफ का अध्यक्ष लोकसभा सांसद को बनाया जाए और इस मामले की जांच भी की जाए।
आईएएस पति-पत्नी का तबादला हुआ
एक अप्रैल को राजस्थान में IAS अफसरों की तबादला सूची जारी की गई। इसमें अंजलि राजोरिया का ट्रांसफर प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर से गृह विभाग में संयुक्त सचिव पद पर कर दिया गया। शुभम चौधरी को प्रतापगढ़ का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। वहीं डूंगरपुर कलेक्टर अंकित कुमार सिंह का ट्रांसफर फलोदी कलेक्टर के पद पर किया गया।
अंजलि राजोरिया के ट्रांसफर के बाद जब सांसद से पूछा गया कि अब प्रस्ताव लाएंगे या नहीं, तो उन्होंने कहा कि भले ही कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया, लेकिन विकल्प खुला है। चीजें वेट एंड वॉच पर हैं। कुछ चीजें जनता के कल्याण की हैं और बाकी जो व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी की हैं। मैं कंटेंट पर परीक्षण करवा रहा हूं।

