हरिद्वार : उत्तराखंड में आज गंगा दशहरा मनाया जा रहा है। हरिद्वार की हरकी पौड़ी पर अब तक 5 लाख के करीब श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा चुके हैं। वहीं, उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री धाम में एक लाख से ज्यादा लोग मां गंगा के दर्शन करने पहुंचे।
यहां आज शाम को भव्य गंगा आरती होने वाली है, जिसे देखने के लिए लोग घंटों से इंतजार कर रहे हैं। 10 मई (अक्षय तृतीया) को गंगोत्री धाम के कपाट खुले थे और तब से औसतन प्रतिदिन लगभग 5 हजार लोग पहुंच रहे थे, लेकिन आज यहां पैर रखने की जगह नहीं है। कुमाऊं में घरों के मुख्य द्वार पर ‘द्वार पत्र’ (दसौर पत्र) लगाए गए हैं।
वहीं, हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर सुबह 5 बजे से 8 बजे तक भारी भीड़ के कारण तिल रखने की भी जगह नहीं मिली। मान्यता है कि आज के दिन गंगा में डुबकी लगाने से व्यक्ति के 10 प्रकार के पाप (4 शारीरिक, 3 मानसिक और 3 वाचिक) नष्ट हो जाते हैं।
हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पौराणिक मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान मौन रहकर करना चाहिए। इससे शारीरिक, मानसिक और वाणी से जुड़े दोषों का शमन होता है। पौराणिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।

गंगोत्री धाम में पैर रखने की जगह नहीं है।

हरकी पैड़ी पर सुबह 5 बजे गंगा आरती हुई।

तीन घंटे तक हरकी पैड़ी पर पाव रखने की जगह नहीं मिली।

हरिद्वार के सभी घाटों में भीड़ दिखी।

कुमाऊं में घरों के मुख्य द्वार पर ‘द्वार पत्र’ लगाते हुए।

