मथुरा : चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ सही समय पर लिया गया सटीक निर्णय किसी के लिए जीवनदान बन जाता है। मथुरा के केएम अस्पताल (ज्ञड भ्वेचपजंस) में ऐसा ही एक चमत्कारिक मामला सामने आया है, जहाँ न्यूरो सर्जन ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल और कोमा में जा चुके एक बुजुर्ग को बिना किसी बड़े ऑपरेशन के केवल दवाओं और गहन देखभाल के जरिए पूरी तरह स्वस्थ कर दिया है।
हादसे के बाद छूट गई थी उम्मीद
मुखराई (राधाकुंड) निवासी 60 वर्षीय तुलसीराम बीती 1 अप्रैल को एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। हादसे के बाद वह गहरे कोमा में चले गए थे। दो दिनों तक होश न आने और स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण कई अस्पतालों ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया था। निराशा की स्थिति में परिजन उन्हें केएम अस्पताल लेकर पहुँचे।
जटिल स्थिति और साहसिक निर्णय
केएम अस्पताल के न्यूरो स्पेशलिस्ट डॉ. संदीप चौहान ने मरीज की जिम्मेदारी संभाली। जाँच (एमआरआई-सिटी स्कैन) में सामने आया कि तुलसीराम के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर था और दिमाग के अंदर लगातार खून का रिसाव (ईडीएच और एसडीएच) हो रहा था।
डॉ. संदीप चौहान ने बताया, मरीज की स्थिति ऐसी थी कि आमतौर पर सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है, लेकिन मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए हमने दवाइयों के जरिए उपचार करने का साहसिक निर्णय लिया। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर मुँह के जरिए विशेष दवाइयां दी गईं।
20 दिनों के संघर्ष के बाद लौटी मुस्कान
डा. चिंतन सेठी, डा. विवेक मित्तल, डा. तन्मय सिंह और नर्सिंग विभाग में प्राइवेट इंचार्ज घनश्याम, जयप्रकाश, पंकज, रूपल की जी-तोड़ मेहनत रंग लाई और करीब 20 दिनों के उपचार के बाद तुलसीराम को न केवल होश आया, बल्कि उन्होंने शरीर में मूवमेंट भी शुरू कर दिया। उनकी रिकवरी देख चिकित्सक भी हैरान रह गए। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद 27 अप्रैल को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
परिजनों ने जताया आभार
मरीज के भाई हरीश दुबे ने भावुक होकर बताया, हमने भाई के बचने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन डॉ. संदीप चौहान और केएम अस्पताल की टीम ने करिश्मा कर दिखाया। मैं ‘संस्थान के चेयरमैन किशन चौधरी जी और समस्त स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।’
अस्पताल की बड़ी उपलब्धि
इस सफलता पर अस्पताल के एडीशनल एमएस डॉ. नमित गौतम ने न्यूरो सर्जरी टीम को बधाई देते हुए इसे अस्पताल के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य हर मरीज को सर्वोत्तम और किफायती चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है।

