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व्हाइट हाउस के पास फायरिंग, ट्रम्प अंदर मौजूद थे:सुरक्षाबलों ने संदिग्ध को गोली मारी, मौत; ट्रम्प की बेटी को भी हत्या की धमकी मिली थी

वॉशिंगटन डीसी : अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में एक संदिग्ध शख्स ने व्हाइट हाउस के पास करीब 30 राउंड फायरिंग की। भारतीय समयानुसार यह घटना शनिवार रात करीब 3:30 बजे से सुबह 5 बजे के बीच हुई। घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे।

रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के पास संदिग्ध हमलावर ने सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर गोलियां चलाईं, जहां US सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे।

अफसरों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर को गोली लगी। हॉस्पिटल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। युवक की पहचान 21 साल के नासिर बेस्ट के तौर पर हुई है। वह अमेरिका के मैरीलैंड राज्य का रहने वाला था।

इस गोलीबारी में एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि उसे हमलावर की गोली लगी या जवाबी फायरिंग के दौरान चोट पहुंची। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस घटना से कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रम्प की बेटी को भी हत्या की धमकी मिली थी। इस मामले में एक इराकी युवक को गिरफ्तार किया गया था। वह ईरानी सेना से जुड़ा हुआ था। आरोपी के पास इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित घर का ब्लूप्रिंट यानी नक्शा भी मिला था।

मीडिया रिपोर्ट्स में संदिग्ध हमलावर का नाम नासिर बेस्ट है, उसकी सीक्रेट सर्विस की जवाबी गोलीबारी में मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स में संदिग्ध हमलावर का नाम नासिर बेस्ट है, उसकी सीक्रेट सर्विस की जवाबी गोलीबारी में मौत हो गई।

हमले के वक्त व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद पत्रकार घटना को कवर करते हुए।

हमले के वक्त व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद पत्रकार घटना को कवर करते हुए।

व्हाइट हाउस के बाहर तैनात अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट।

व्हाइट हाउस के बाहर तैनात अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट।

सुरक्षाबलों ने व्हाइट हाउस के आसपास के इलाके को घेर लिया है।

सुरक्षाबलों ने व्हाइट हाउस के आसपास के इलाके को घेर लिया है।

पुलिस अधिकारी गोलीबारी वाली जगह से सबूत जमा करते हुए।

पुलिस अधिकारी गोलीबारी वाली जगह से सबूत जमा करते हुए।

रिपोर्ट- हमलावर खुद को जीजस मानता था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नासिर बेस्ट मानसिक रूप से परेशान था और वह पहले भी कई बार व्हाइट हाउस के आसपास देखा गया था। उसके खिलाफ कोर्ट का आदेश था कि वह व्हाइट हाउस के पास नहीं आए, लेकिन उसने इस आदेश को नहीं माना।

रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जून 2025 को उसने सड़क पर गाड़ियों का रास्ता रोक दिया था। इसके बाद उसे इलाज के लिए मेंटल हेल्थ सेंटर भेजा गया था। करीब दो हफ्ते बाद, 10 जुलाई 2025 को वह व्हाइट हाउस के प्रतिबंधित इलाके में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि गिरफ्तारी के समय उसने खुद को आज के दौर का जीजस बताया था। उसने अधिकारियों से यह भी कहा था कि वह गिरफ्तार होना चाहता था।

इलाके में 40 मिनट तक लॉकडाउन जैसी स्थिति रही

गोलीबारी के बाद व्हाइट हाउस परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को तुरंत सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। सीक्रेट सर्विस एजेंट्स हथियारों के साथ पूरे इलाके में तैनात हो गए और करीब 40 मिनट तक लॉकडाउन जैसी स्थिति रही।

FBI, सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स के नॉर्थ लॉन को खाली करा दिया गया है। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सुरक्षा एजेंसियां फायरिंग की खबर पर कार्रवाई कर रही हैं।

व्हाइट हाउस से एक ब्लॉक दूर चली गोलियां

सीक्रेट सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्हें 17th स्ट्रीट और Pennsylvania Avenue NW इलाके में गोली चलने की सूचना मिली थी। यह इलाका व्हाइट हाउस से करीब एक ब्लॉक दूर है। एजेंसी ने कहा कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी जानकारी की पुष्टि करने में जुटे हैं।

वॉशिंगटन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग की ओर से घटना पर तुरंत कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।

26 अप्रैल: वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला

इससे पहले वॉशिंगटन डीसी में सालाना व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर के दौरान भी फायरिंग हुई थी। कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई बडे़ अफसर मौजूद थे।

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक हमलावर ने होटल के बॉलरूम के बाहर फायरिंग की थी। ट्रम्प और गेस्ट बॉलरूम के अंदर थे। हमले के करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रम्प ने मीडिया को संबोधित किया था।

उन्होंने कहा- अमेरिका के संविधान पर हमला हुआ। सीक्रेट सर्विस ने मेरी जान बचाई। सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी से काम किया। जिस अफसर को गोली लगी, वह सुरक्षित है। उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। हमलावर के पास पावरफुल गन थी।

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