भोपाल : मध्य प्रदेश में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से होगी। इसके साथ ही इसी दिन से स्कूल चलें हम अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा जो 30 जून तक चलेगा। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग ने अत्यधिक गर्मी और हीट वेव की स्थिति को देखते हुए शिक्षकों के लिए 7 दिन का अवकाश बढ़ाया है। यानि अब शिक्षकों को 1 जून की बजाय 7 जून से विद्यालय में उपस्थिति देनी होगी।
प्रदेश में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों द्वारा विद्यालय संचालन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसके बाद अब सरकार ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूल चलें हम अभियान के दौरान सबसे अधिक फोकस ड्राप आउट बच्चों को फिर विद्यालय से जोड़ने और शाला प्रारंभ उत्सव मनाए जाने का काम होगा।
राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर कहा है कि अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में विशेष गतिविधियां आयोजित कराएं। इसका उद्देश्य सौ फीसदी प्रवेश सुनिश्चित करना, ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
निर्देशों में कहा है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद 16 जून से शासकीय एवं सांदीपनि विद्यालयों में शाला प्रारंभ उत्सव आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान हर पात्र बच्चे का एडमिशन किया जाएगा तथा विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उनका पुनः प्रवेश कराया जाएगा। जिला स्तर पर कलेक्टर इसकी नियमित समीक्षा करेंगे।

शिक्षकों के अवकाश को बढ़ाने का आदेश।
चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम से होगी मॉनिटरिंग
राज्य शिक्षा केंद्र ने कहा है कि शिक्षकों के लॉगिन पर प्रदर्शित ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की सूची के आधार पर घर-घर संपर्क कर बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाए। “हमारे शिक्षक ऐप” के माध्यम से चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर विद्यालय से बाहर बच्चों की निगरानी की जाएगी।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण करने, पुस्तकों की ऑनलाइन एंट्री करने और पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता पर फीडबैक दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों के को-लोकेशन संबंधी कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।
विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी नही हो
विद्यालयों में मिशन अंकुर के अंतर्गत बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। बालिका शौचालयों की साफ-सफाई, रनिंग वाटर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
शाला प्रारंभ उत्सव के दौरान नया प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा। प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यालयों में बाल सभाओं का आयोजन होगा तथा पहले दिन विशेष भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी। अभिभावकों को विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शासकीय योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

