- ममता मौत मामले में नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे, परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सहपऊ : सहपऊ क्षेत्र में विवाहिता ममता उर्फ रूबी की कथित आत्महत्या के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। मृतका के भाई मनोज कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस जानबूझकर मामले में नरमी बरत रही है और ससुराल पक्ष को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि करकौली निवासी विजय शर्मा उर्फ लाला, मुकेश कुमार, कालीचरन उर्फ करुआ, लालता प्रसाद, कुसमा तथा सौरभ उर्फ बटना के खिलाफ 8 जून को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर विवाहिता ने आत्महत्या कर ली।
मृतका के भाई मनोज कुमार का कहना है कि उसकी बहन को वर्षों से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इस संबंध में कई बार पंचायतें भी हुईं और समझौते कराए गए, लेकिन उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व पति ने लिखित रूप से यह भी दिया था कि वह ममता को परेशान नहीं करेगा, इसके बावजूद प्रताड़ना जारी रही।
मनोज कुमार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उनका कहना है कि पुलिस और ससुराल पक्ष के बीच मिलीभगत के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए और भी कड़ी धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर अपेक्षाकृत हल्की धारा लगाकर आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करने और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

