- इंडियन ऑयल ने कहा कि उसने पिछले हफ्ते अपने रिटेल पंप पर करीब 10,000 औचक निरीक्षण किए और 8,500 से ज्यादा फ्यूल क्वालिटी टेस्ट किए हैं
देश की प्रमुख सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने देश भर में अपने रिटेल पंपों पर पेट्रोल की क्वालिटी की जांच तेज कर दी है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने ये कदम सोशल मीडिया पर फ्यूल की क्वालिटी को लेकर उठ रहीं चिंताओं के बीच ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए उठाए हैं।
इंडियन ऑयल ने किए 10,000 औचक निरीक्षण
देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल ने कहा कि उसने पिछले हफ्ते अपने रिटेल पंप पर करीब 10,000 औचक निरीक्षण किए और 8,500 से ज्यादा फ्यूल क्वालिटी टेस्ट किए हैं। कंपनी ने बयान में कहा, ”इंडियन ऑयल के लिए फ्यूल की क्वालिटी बहुत जरूरी है। हमारी टीम रोजाना पूरे देश में ये सुनिश्चित करने के लिए काम करती है कि ग्राहकों को ऐसा फ्यूल मिले जो तय गुणवत्ता मानकों को पूरा करता हो।”
मिलावटी तेल मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
इंडियन ऑयल ने कहा है कि वो पेट्रोल-डीजल में मिलावट, अशुद्धि और तय गुणवत्ता मानक के उल्लंघन के लिए किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किए जाने की नीति अपनाती है और जो डीलर कॉनट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
भारत पेट्रोलियम ने भी बड़े पैमाने पर की टेस्टिंग
भारत पेट्रोलियम ने कहा कि उसने 3 जुलाई से 13 जुलाई के बीच अपने रिटेल पंप पर 932 टेस्ट किए हैं। कंपनी के क्वालिटी कंट्रोल सेल ने 111 और टेस्ट किए। जबकि इंस्पेक्शन एश्योरेंस डिपार्टमेंट ने अपने मोबाइल लेबोरेटरी नेटवर्क के जरिए 50 सैंपल लिए और मौके पर जांच की प्रक्रिया पूरी की।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने की एथनॉल ब्लेंडिंग से जुड़ी जांचें
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा कि उसने 3 जुलाई से 13 जुलाई के बीच 1,385 नियमित निरीक्षण किए। इसके अलावा, एथनॉल ब्लेंडिंग के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, ये जांचने के लिए 7 जुलाई से 13 जुलाई के बीच 2,173 औचक निरीक्षण किए। इसके अलावा, कंपनी के क्वालिटी एश्योरेंस सेल ने भी 93 औचक निरीक्षण किए और मोबाइल लैब का इस्तेमाल करके फ्यूल के 49 सैंपल की जांच की।
गुणवत्ता मानकों के पालन में नहीं मिली किसी भी तरह की चूक
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा कि निगरानी के दौरान रिटेल पंप में मिलावट, गंभीर अनियमितताओं या गुणवत्ता मानकों के पालन में किसी भी तरह की चूक का कोई मामला नहीं पाया गया। इन पेट्रोलियम कंपनियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे फ्यूल की क्वालिटी से जुड़ी किसी भी शिकायत को सीधे पेट्रोल पंप या कंपनी के कस्टमर सर्विस के माध्यम से दर्ज कराएं और अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। बताते चलें कि अभी हाल ही में जाने-माने यूट्यूबर मनीष कश्यप ने दावा किया था कि E20 पेट्रोल की वजह से उनकी गाड़ी खराब हो गई। हालांकि, जांच में पाया गया कि मनीष की गाड़ी मिलावटी पेट्रोल की वजह से खराब हुई थी।

