देहरादून : देहरादून में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले युवाओं ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की तर्ज पर राज्य सरकार और केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भर्ती प्रक्रियाओं को शुरू कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सैकड़ों युवाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच किया।
इस दौरान सचिवालय से पहले ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और उग्र झड़प हो गई। सचिवालय की ओर बढ़ रहे आक्रोशित छात्रों को पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान युवा बैरिकेड्स हटाकर और उन पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल के जवान तैनात हैं। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने वाटर कैनन को भी अलर्ट मोड पर रखा हुआ है।

देहरादून में गांधी पार्के के सामने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए।

प्रदर्शकारी आपत्तिजनक पोस्टर लेकर पहुंचे, जिसमें सरकार के खिलाफ नारे लिखे थे।

देहरादून में छात्रों और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के लोगों की पुलिस से झड़प।

बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ने की कोशिश करते हुए छात्रा।

बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़े छात्रा और प्रदर्शनकारी
UKPSC में भर्ती की मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और अन्य लंबित भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का कहना है कि लंबे समय से प्रक्रियाएं अटकी होने के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे निम्नलिखित हैं
- UKPSC JE और AE भर्ती का नया विज्ञापन तुरंत जारी किया जाए।
- उत्तराखंड पुलिस भर्ती की वेटिंग लिस्ट अविलंब जारी हो।
- रुकी हुई सभी लंबित भर्तियां शुरू हों और एक नियमित भर्ती कैलेंडर घोषित किया जाए।
- भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की। बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रदर्शनकारी बोले- उत्तराखंड में रोजगार मांगना गुनाह नहीं
प्रदर्शनकारी पंकज तिवारी ने कहा “मैं एक बेरोजगार युवा, छात्र और अभ्यर्थी के तौर पर यहां अपने साथियों की आवाज उठाने आया हूं। उत्तराखंड का युवा रोजगार मांग रहा है, लेकिन सरकार उसे अवसर देने के बजाय रोक रही है। पहाड़ों में रोजगार के साधन सीमित हैं और सरकार खुद पलायन की बात करती है।
ऐसे में सरकारी नौकरी ही हमारे लिए सबसे बड़ा विकल्प बचता है, फिर भी भर्तियां समय पर नहीं निकाली जा रहीं। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि आखिर हमें सचिवालय तक जाने से क्यों रोका जा रहा है? क्या हम कोई अपराध करने जा रहे हैं? हम सिर्फ अपनी मांगें रखने आए हैं।
हमारी मांग है कि भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए, जेई (JE) समेत लंबित भर्तियों के विज्ञापन निकाले जाएं और वर्षों से अटकी भर्तियां पूरी की जाएं। स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल लैब टेक्नीशियन (MLT) की भर्ती 2003 के बाद नहीं हुई, जबकि अस्पतालों में बाहरी लोगों को ठेके पर रखा जा रहा है। ऐसे में उत्तराखंड का युवा आखिर जाएगा कहां?
हम अपने अधिकार और रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन हमारी आवाज दबाने के लिए पुलिस खड़ी कर दी गई है। सरकार को युवाओं की मांग सुननी चाहिए, उन्हें रोकना नहीं चाहिए।”
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष सूरज पंवार बोले- सरकार बेरोजगारों से डरी
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष सूरज पंवार ने कहा “देखिए, दिल्ली के जंतर-मंतर पर जो हुआ, देशभर के युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ और उन पर लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक और कायरतापूर्ण है। केंद्र की सत्ता में आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज देश का युवा रोजगार मांग रहा है तो उसके ऊपर लाठी-डंडे बरसाए जा रहे हैं। युवाओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। यह पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
प्रदेश सरकार भी लगातार युवाओं को गुमराह कर रही है। सरकार दावा करती है कि उसने 20 से 30 हजार युवाओं को रोजगार दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) में कई विभागों के अधियाचन महीनों से लंबित पड़े हैं।
फाइलें धूल फांक रही हैं, लेकिन नए भर्ती विज्ञापन जारी नहीं किए जा रहे। सरकार इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है, जबकि प्रदेश का युवा लंबे समय से नई भर्तियों का इंतजार कर रहा है। आज प्रदेश के हजारों युवाओं ने परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच कर यह संदेश दे दिया है कि अब उत्तराखंड का युवा न गुमराह होगा और न ही डरकर घर बैठेगा। पुलिस ने लाठी-डंडों के दम पर प्रदर्शन रोकने की कोशिश की, जिससे साफ है कि सरकार बेरोजगार युवाओं की आवाज से डरी हुई है। सरकार नए भर्ती विज्ञापन जारी करने के मूड में नहीं दिख रही है।
हम सरकार को स्पष्ट चेतावनी देना चाहते हैं कि यदि युवाओं को लगातार गुमराह किया गया और नई भर्तियां शुरू नहीं की गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतरेंगे और जब तक नई भर्ती प्रक्रियाएं शुरू नहीं होतीं, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

