दैनिक उजाला, मथुरा : समाजवादी पार्टी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव पं. गौरव पाण्डेय ने जंतर-मंतर पर अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।
पं. गौरव पाण्डेय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। यदि युवाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो सरकार का दायित्व है कि वह उनकी मांगों को गंभीरता, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण से सुने, न कि बल प्रयोग कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास करे।
उन्होंने कहा—
“कलम उठाने वाले हाथों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं,
लगता है इस मुल्क में आवाजें दबाई जा रही हैं।
बच्चों के सपनों पर जो वार करेगा,
इतिहास उसे कभी माफ नहीं करेगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का भविष्य कहे जाने वाले छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति संवाद, विश्वास और जनभावनाओं के सम्मान में निहित होती है। किसी भी समस्या का स्थायी समाधान टकराव या दमन नहीं, बल्कि सार्थक बातचीत और न्यायपूर्ण निर्णय से निकलता है।
पं. गौरव पाण्डेय ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक पहल करने की अपील करते हुए कहा कि जनता की आवाज को सुनना और उसका सम्मान करना ही एक मजबूत, संवेदनशील और उत्तरदायी लोकतंत्र की पहचान है।
उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की नैतिक जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा नैतिक आधार पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
अंत में पं. गौरव पाण्डेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी सदैव छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।

