नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज 33वां दिन है। जंतर-मंतर पर मंगलवार को लगातार तीसरी रात भी हजारों प्रदर्शनकारी डटे रहे। इनमें 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठियों, आंसू गैस के गोलों का शिकार हुए लोग भी शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिले। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में भर्ती कराया गया है।
इधर, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 9 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं। इनमें RAF जवानों पर जानलेवा हमला, पथराव, तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए 250 से ज्यादा वीडियो खंगाले जा रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताई। बुधवार सुबह कई लोग जमीन पर सोते और गर्मी से राहत के लिए पंखा झलते दिखे।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में हजारों लोग मंगलवार रात शामिल हुए।

20 जुलाई को संसद मार्च में घायल हुए प्रदर्शनकारी भी विरोध करने पहुंचे।

विरोध के दौरान प्रदर्शनकारी अलग-अलग पोस्टर बैनर लेकर आए।

शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे भी जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए।
बड़े अपडेट्स…
- CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर कहा- 20 जुलाई को जो हुआ वह ट्रेलर था। पिक्चर अभी बाकी है। अभी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं लेकिन हमारी मांगें नहीं मानी गई तो प्रधानमंत्री का इस्तीफा भी मांगेंगे।
- CJP ने बताया कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है, जिसके बाद पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर चल रहा धरना खत्म कर दिया गया।
- विपक्षी पार्टियों के कई नेता धरनास्थल पहुंचे। इनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
बंगाल से दिल्ली भेजी गईं CRPF की 20 कंपनियां, करीब 2 हजार जवान एयरलिफ्ट किए
- केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है। एक CRPF कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं।
- गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2000 जवानों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा है।
- इन कंपनियों को संसद का मानसून सत्र और दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा।
- इससे पहले भी केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस की मदद के लिए करीब 30 कंपनियां CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई RAF की तैनाती कर चुकी है।
- ये बल 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं।
CJP प्रवक्ता बोले- 20 जुलाई को सरकार ने हमें 4 घंटे बैठाकर रखा
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मंगलवार रात कहा कि 20 जुलाई को जब सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया तो उन्हें 4 घंटे तक बैठाकर रखा गया। आशुतोष ने कहा- मुझे और सौरव दास को दो घंटे तक फोन इस्तेमाल करने नहीं दिया। हमें बाहर भी नहीं जाने दे रहे थे। हमें ऐसा लग रहा था कि जैसे हाउस अरेस्ट किया गया है।
20 जुलाई को नड्डा से मिले थे CJP प्रतिनिधि
- सरकार ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पहली बार CJP से बात की थी। जेपी नड्डा CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से मिले। 10 मिनट की मुलाकात में CJP ने 3 मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को हॉस्पिटल से रिहा किया जाए। दूसरी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान का इस्तीफा और तीसरी, आत्महत्या करने वाले नीट छात्रों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।

नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने सरकार और CJP में बातचीत के लिए संपर्क किया था। 20 जुलाई की सुबह 6 बजे से बात चली। 11:45 बजे नड्डा से मिलने पर सहमति बनी थी।
दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर कॉकरोच पार्टी का धरना खत्म
कॉकरोच पार्टी ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। CJP ने दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर चल रहा धरना खत्म करने का ऐलान किया।


