- प्रेम विवाह से नाराज पिता और रिश्तेदारों ने फरीदकोट में बेटी महकदीप कौर की निर्मम हत्या कर दी
फरीदकोट : गत दिवस गांव ढिल्लवां कलां के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-54 पर विवाहित युवती के पिता व रिश्तेदारों द्वारा उसके प्रेम विवाह से नाराज होकर की गई निमर्म हत्या के मामले में पुलिस ने सभी पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपितों को रिमांड पर लेकर इस मामले में और पूछताछ कर रही है।
ढाई महीने पहले हुई थी शादी
डीएसपी (डी) अवतार सिंह ने बताया कि जिले के गांव बुर्ज हरिका निवासी जगदीप सिंह उर्फ आकाश ने बयान दर्ज करवाया।
उसके मुताबिक, गांव निवासी महकदीप कौर से उसकी पिछले करीब पांच-छह वर्षों से जान-पहचान थी और करीब ढाई महीने पहले, 4 मई 2026 को दोनों ने परिवारों की असहमति के बावजूद प्रेम विवाह कर लिया था। दोनों ने अपनी सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर कर रखी थी और अपने गांव से बाहर बठिंडा जिले के गांव भगता भाईका में रह रहे थे।
झूठ बोलकर मां ने बुलाया था मायके
डीएसपी (डी) अवतार सिंह ने बताया कि 20 जुलाई को महकदीप कौर की मां ने उसे और उसके पति जगदीप सिंह को फोन करके मिलने बुलाया था। जिसके चलते जगदीप सिंह ढिल्लवां कलां स्थित गुरुद्वारा साहिब में अपनी सास और साले से मिलने जा रहा था।
जगदीप सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी महकदीप की इच्छा पर उसे गुरुद्वारा लेकर जा रहा था। गुरुद्वारा पहुंचने से पहले रास्ते में महकदीप के पिता मिल गए, जिन्होंने उन्हें रोककर धमकियां देनी शुरू कर दीं।
चारों ने युवक को घेरा
जगदीप के अनुसार, कुछ ही देर में उसके ससुर वकील सिंह, चाचा ससुर सुखचैन सिंह, ताया ससुर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा और एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। आरोप है कि वकील सिंह ने उसकी बाइक का हैंडल पकड़ लिया और चाबी निकालने का प्रयास किया। हालात को देखते हुए जगदीप को लगा कि उनके साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है।
इसके बाद उसने तुरंत महकदीप को बाइक पर बैठाया और वहां से हाईवे की ओर निकल गया। भागते समय कुछ दूरी पर उसकी बाइक अचानक खराब हो गई।
इस बीच महकदीप के पिता और उनके साथ मौजूद अन्य लोग लगातार उनका पीछा कर रहे थे। मजबूरी में दोनों ने बाइक सड़क किनारे छोड़ दी और अपनी जान बचाने के लिए पैदल ही हाईवे की ओर दौड़ पड़े।
‘हमारी इज्जत मिट्टी में मिला दी’
जगदीप के मुताबिक, पीछा करते हुए ताया ससुर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा जोर-जोर से चिल्ला रहा था, “इन्होंने हमारी इज्जत मिट्टी में मिला दी है, इन्हें जिंदा नहीं छोड़ना है।” कुछ ही क्षणों में ससुर वकील सिंह, चाचा ससुर सुखचैन सिंह, ताया ससुर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा, बुआ का बेटा दिलबाग सिंह और सुखा सिंह उर्फ गोलू भी उनके पास पहुंच गए।
आरोप है कि सुखा सिंह ने हाथ में तेजधार हथियार लेकर उन्हें डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। खुद को घिरता देख जगदीप और महकदीप किसी तरह वहां से निकलकर हाईवे की ओर भागे और अपनी जान बचाने का प्रयास किया।
पिता ने मारा चाकू
जगदीप ने पुलिस को बताया कि जान बचाने के लिए वह और महकदीप खेतों की ओर भागे। खेत के किनारे लगे लोहे के कंटीले तारों को वह किसी तरह पार कर गया, लेकिन महकदीप उनमें फंस गई। इसी दौरान उसके पिता वकील सिंह ने उसका हाथ पकड़ लिया।
जगदीप के अनुसार, वह महकदीप को छुड़ाने के लिए वापस लौटा, लेकिन उसके ससुर ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। उसने किसी तरह खुद को बचाया, जबकि उसके सामने ही वकील सिंह ने महकदीप पर कई बार चाकू से वार किए।
महकदीप लगातार बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन वह उसकी मदद नहीं कर सका। जगदीप ने बताया कि महकदीप की मौत के बाद उसे लगा कि हमलावर उसे भी मार देंगे। डर के कारण वह वहां से भागकर पास के खेतों में छिप गया।
पांचों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में मृतका महकदीप कौर के पिता वकील सिंह, ताऊ गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा, चाचा सुखचैन सिंह, गांव निवासी सुख्खा सिंह उर्फ गोलू तथा उसकी बुआ के लड़के दिलबाग सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू तथा अन्य सामान भी बरामद करने का दावा किया है। डीएसपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों के प्रेम विवाह से परिजन नाराज थे और इसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

