महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में 19 साल की मेडिकल छात्रा अंकिता सांगले ने रविवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें अंकिता ने लिखा कि परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने से वह मानसिक तनाव में थी और डॉक्टर बनने का उसका सपना अधूरा रह गया।
परिवार के मुताबिक घटना से पहले छात्रा अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर उसकी मां ने दरवाजा खोला, जहां वह मृत मिली।
NEET एग्जाम में हुई गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था। प्रदर्शन खत्म होने के बाद सुसाइड का यह पहला मामला है। NEET मुद्दे पर अब तक 23 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके हैं।

3 जून को जो NEET रद्द हुई थी, उसमें अंकिता के अच्छे मार्क्स आए थे।
अंकिता को री-एग्जाम में 166 मार्क्स मिले
अंकिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि री-एग्जाम में उसे 166 मार्क्स मिले, जबकि कटऑफ 177 था। मेरे इस कदम के लिए उसके माता-पिता और भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
अंकिता ने भाई को लिखा कि मम्मी-पापा को संभालना। उन्होंने काफी त्याग किया, लेकिन मैं सपना पूरा नहीं कर सकी।

सोशल मीडिया पर अंकिता का बताया जा रहा सुसाइड नोट वायरल हो रहा है।
पिता बोले- अंकिता ने नीट की अच्छी तैयारी की थी
अंकिता ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पिता सुरेश सांगले ने बताया कि अंकिता ने नीट की अच्छी तैयारी की थी और शुरुआती परीक्षा में उसके अच्छे अंक आए थे। हालांकि, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के बाद वह तनाव में चली गई थी।

अंकिता की आत्महत्या के बाद आसपास के लोग परिवार से मिलने पहुंचे।
18 जून को एक और नीट स्टूडेंट ने की थी आत्महत्या
गुजरात के सूरत में 18 जून को 17 साल के कहान पटेल ने अपनी जान ले ली थी। इनके परिवार का कहना है कि वे नीट परीक्षा से जुड़े तनाव और पेपर लीक से परेशान थे।
कहान पटेल के पिता प्रशांत पटेल ने बताया कि 12 मई को कोचिंग क्लास के दौरान बेटे को NEET-UG पेपर लीक की खबर मिली। इसके बाद वह तुरंत सूरत से अहमदाबाद पहुंचा। प्रशांत पटेल के मुताबिक, पेपर लीक की खबर के बाद उनका बेटा मानसिक तनाव में रहने लगा था। उसके व्यवहार में भी बदलाव आने लगा था, जिसके बाद यह दुखद घटना हुई।


