मथुरा/द्वारका/पुरी/नई दिल्ली/भोपाल : देशभर के मंदिरों में जन्माष्टमी मनाई जा रही है। शुक्रवार की रात 12 बजे मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया गया है।
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि में कान्हा का सोने से सजी चांदी की कामधेनु से अभिषेक किया गया और 500 ड्रोन से कृष्ण लीलाएं दिखाई गईं। मथुरा में शाम 6 बजे तक 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राजस्थान में राजसमंद के नाथद्वारा में भगवान को 21 तोपों की सलामी दी गई।
इससे पहले मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती हुई।
वहीं, बिहार के पटना स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर 108 चांदी के कलश से भगवान कृष्ण का अभिषेक किया गया। मंदिर की सजावट के लिए अलग-अलग तरह के करीब 8 टन फूल मंगाए गए हैं।
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राजसमंद के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में 21 तोपों की सलामी दी गई।

मथुरा में 500 ड्रोन की मदद से कृष्ण लीलाएं दिखाई गईं।

मथुरा में नंदलाल का कामधेनु से अभिषेक किया गया।

नई दिल्ली में जन्माष्टमी से पहले जगमगाता बिड़ला मंदिर।

काशी से लड्डू गोपाल के उपहार लेकर मथुरा पहुंची टोली।

देवभूमि द्वारका जिले के द्वारका में जगमगाता द्वारकाधीश मंदिर।

नई दिल्ली में जन्माष्टमी के लिए इस्कॉन मंदिर में भी सतरंगी रोशनी की गई है।

बिहार की राजधानी पटना के इस्कॉन मंदिर को भी रोशनी से सजाया गया है।

