गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2 दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। बुधवार सुबह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा- एक समय उत्तर प्रदेश पर एक बदनुमा दाग लगा था, हर जिले का एक दुर्दांत माफिया नेतृत्व करता था, वह आपके सामने पहचान का संकट खड़ा करता था।
उन्होंने कहा- इंसेफ्लाइटिस भी माफिया और मच्छर की तरह खत्म हो गया है। आज वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है। आज 75 जिले हैं लेकिन 85 मेडिकल कालेज हैं। नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।
शाम 4 बजे से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA)की ओर से नकहा नंबर 2 में बनाए गए कल्याण मंडपम का लोकार्पण करेंगे। कल्याण मंडपम का निर्माण 3 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इसमें ग्राउंड एवं प्रथम तल पर बने हालों में 300 लोगों के बैठने की क्षमता है।

IMA के कार्यक्रम में सीएम योगी का स्वागत करते डॉक्टर।
CM योगी बोले- पेशेवर डोनर से सजग रहिए
CM योगी ने कहा- गोरखपुर में आने पर सबसे पहला व पवित्र काम आईएमए के ब्लड बैंक को शुरू करने का किया है। मेरी आपसे अपील है कि ब्लड की जो मांग है, उसके मुताबिक आपूर्ति नहीं कर पाते हें। वालंटियर डोनर के लिए डॉक्टरों को सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए। अपील जारी करनी चाहिए। जो पेशेवर रक्तदाता हैं, तमाम प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हैं, तो गंभीर प्रकार के संक्रमण से गुजरना होगा। उसपर प्रभावी अंकुश लगाना होगा, शासन-प्रशासन के संज्ञान में यह बात लानी होगी। इसको उतनी ही सजगता व सक्रियता के साथ इसकी पवित्रता को बनाए रखने में योगदान दे पाएंगे तो उतना ही इसका महत्व बना रहेगा।
CM योगी ने कहा- हर जिले में डायलसिस के 10-10 बेड उपलब्ध
CM योगी ने कहा- सरकार से हमने हर जिला चिकित्सालय में डायलसिस के 10-10 बेड उपलब्ध करवाने की सुविधा शुरू कर दी है। एमबीबीएस की सीटें 13 हजार से अधिक हो गई हैं, पहले यह 4 हजार थी।
CM योगी ने कहा- 2001 में डॉक्टरों ने 10 की जगह 100 बेड का चैरिटेबल अस्पताल बना दिया
CM योगी ने कहा- 2001 में पूज्य महाराज जी (महंत अवेद्यनाथ) से चर्चा हो रही थी। मंदिर परिसर में एक भवन था। वहां हास्पिटल बनाने की चर्चा हुई। उन्होंने 10 बेड का अस्पताल शुरू करने को कहा। लेकिन यहीं के कुछ चिकित्सकों ने शुरू में ही उसे 100 बेड का अस्पताल बना दिया। कैसे चैरिटेबल अस्पताल चल सकता है, उसका उदाहरण गुरु गोरखनाथ अस्पताल बना।
ब्लड बैंक शुरू हो सकता है, चैरिटी में चल सकता है, ब्लड सेपरेटर यूनिट लग सकती है, ये सभी कार्य डा. अवधेश अग्रवाल एक-एक करके करते गए। उस समय की सरकार सुविधा के लिए पैसा लेती थी, मैं कहता था कि घूस का पैसा नहीं दिया जाएगा।
लेकिन ईश्वर की कृपा होती थी और कोई परिचित मिल जाता था तो एक सप्ताह में लाइसेंस मिल जाता था। पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला आईसीयू गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय ने शुरू किया। डायलसिस की 4 यूनिट वहां से शुरू होती थी।
CM योगी बोले- यूपी से बाहर जाने पर पहचान का संकट नहीं
CM योगी ने कहा- आज यूपी से बाहर जाने पर पहचान का संकट नहीं होता था। लेकिन कभी इसी गोरखपुर में आपके साथ सड़क पर उतरकर मुझे आंदोलन करना होता था। आज पूरे प्रदेश में हर चिकित्सक, व्यापारी, नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है।
CM योगी ने कहा- पहले जिले माफिया का नेतृत्व करते थे, डॉक्टरों का अपहरण होता था
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के प्रत्येक जिले की पहचान किसी न किसी दुर्दांत माफिया से जुड़ गई थी। गोरखपुर में डॉक्टरों का अपहरण होता था, उनसे रंगदारी मांगी जाती थी, धमकी भरे फोन आते थे और उनके चेंबर में घुसकर मारपीट की जाती थी। इन घटनाओं के खिलाफ उन्हें चिकित्सकों के साथ सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। आज गोरखपुर के साथ पूरे प्रदेश में चिकित्सक, व्यापारी और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब प्रदेश की पहचान माफिया से नहीं बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य से बन रही है।

