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पत्नी विधवा कोटे से बनी सरकारी टीचर,पति ने करवाई FIR:बोला- फर्जी डॉक्यूमेंट दिए

जयपुर : जयपुर में महिला पर दूसरी शादी करने के बावजूद फर्जी डॉक्यूमेंट से विधवा कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। यह आरोप उसके दूसरे पति ने लगाया है।

महिला ने दूसरी शादी से तीसरी संतान होने की बात भी छुपाई। झूठे शपथ-पत्र पेश कर कई सरकारी लाभ तक उठा लिए। महिला के तलाक का दबाव बनाने पर दूसरे पति ने 22 सितंबर को जयपुर पुलिस में FIR दर्ज करवाई है।

पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले 45 साल के युवक ने रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार- मई 2021 में युवक की महिला से लव मैरिज हुई थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी।

उसकी पहले पति से दो बेटियां थी। शादी के बाद से दोनों बेटियों को दूसरे पति के परिवार में स्वीकार किया गया। दूसरी शादी के बाद महिला ने मार्च 2022 में एक बेटी को भी जन्म दिया।

पति का आरोप है- उसने पत्नी को मोबाइल पर किसी से बातचीत करते सुना था। इस दौरान वह कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, उसे रास्ते से हटाना पड़ेगा।

SHO ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पति के आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

जॉब लगने पर बदला व्यवहार

शिकायत में बताया- शादी से पहले महिला ने आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर कई बार रुपए ऐंठे थे। अलग-अलग जरूरत बताकर लाखों रुपए हड़प लिए। शादी के समय महिला कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी।

साल 2022 में महिला का सिलेक्शन ग्रेड थर्ड टीचर के पद पर हो गया। उसकी नियुक्ति जयपुर में ही टीचर के पद पर हो गई। इसके बाद महिला का व्यवहार बदल गया। स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद काफी समय तक घर नहीं लौटती थी।

घर आने के बाद भी घंटों मोबाइल पर बातचीत और सोशल मीडिया पर बिजी रहती थी। पूछने पर स्कूल में ज्यादा काम और अन्य कारण बताकर बात टाल देती थी।

स्कूल पहुंचने पर मिली गायब

पति का आरोप है कि साल 2023 में एक दिन वह किसी जरूरी काम के कारण स्कूल पहुंच गया। पत्नी स्कूल में नहीं मिली। प्रिंसिपल के साथ बाहर जाने का पता चला। फोन भी नहीं उठाया।

कुछ देर बाद प्रिंसिपल के साथ स्कूल लौटी। वह ऐसे दिखाने लगी, जैसे वह मुझे नहीं जानती। प्रिंसिपल ने पूछा तो मैंने खुद का परिचय उसके पति के रूप में दिया।

ये सुनकर प्रिंसिपल ने चौंकते हुए मेरी पत्नी को कहा कि आप खुद को विधवा और सिंगल मदर बताती हैं। इसके बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया।

प्रिंसिपल से अफेयर का शक

युवक ने प्रिंसिपल से नजदीकियों का विरोध किया तो वह उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगी। साल 2025 में दीपावली से कुछ समय पहले महिला बिना बताए घर से चली गई।

कॉन्टैक्ट करने पर कॉल नहीं उठाया। देर रात घर लौटने पर गाली-गलौज किया। इसके दो दिन बाद फिर बिना बताए घर से चली गई। लौटने पर गुस्सा कर कुछ नहीं बताया।

‘पति पसंद नहीं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा’

पति का आरोप है कि एक दिन वह अपने काम पर जाने के लिए घर से निकला। कोई काम याद आने पर घर लौट आया। घर लौटने पर पत्नी मोबाइल पर बात कर रही थी। उसे मेरे घर लौटने का पता नहीं था।

बातचीत सुनने पर पता चला कि वह किसी से कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। तुम कोई व्यवस्था करो, चाहे कितना भी पैसा लगे। यह डराने-धमकाने से नहीं मानेगा। इसे तो रास्ते से ही हटाना पड़ेगा।

मुझे अचानक घर पर देखकर वह घबरा गई। कॉल बंद कर दी। पूछने पर झगड़ा करते हुए दोनों बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई। कुछ दिन बाद घर में रखे डॉक्यूमेंट मिले। चेक करने पर पता चला कि उसने खुद को विधवा बताकर नौकरी हासिल की है। विधवा कोटे का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल की। तीसरी संतान के जन्म की बात भी छुपाई गई थी।

झूठा शपथ-पत्र किया था पेश

शिकायत में बताया- सरकारी नौकरी के लिए महिला ने जून 2022 को शिक्षा विभाग में शपथ-पत्र पेश किया था। घोषणा की कि उसने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं की है। जबकि शपथ-पत्र दिए जाने के 13 महीने पहले उसकी शादी हो चुकी थी। शपथ-पत्र पेश करने के 3 महीने बाद ही एक ओर बेटी का जन्म हो चुका था।

RTE का भी उठाया फायदा

सरकारी नौकरी होने के बाद भी राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बेटी के फेक डॉक्यूमेंट बनाकर निशुल्क एडमिशन करवाया। आरटीई कानून के तहत सालाना आय 2.50 लाख रुपए तक की है, जबकि उसकी नौकरी लगने के बाद अधिक सैलरी मिल रही थी। सरकारी नौकरी होने के बाद भी झूठे डॉक्यूमेंट से आरटीई के सरकारी लाभ का फायदा उठाया।

नगर निगम में भी जालसाजी

पति का आरोप है कि उसके कम पढ़े-लिखे होने का पत्नी ने फायदा उठाया। मई 2021 में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल तैयार करवाई गई थी। इसके आधार पर फेक विवाह प्रमाण-पत्र भी नगर निगम से बनवा लिया। इसमें शादी की तारीख अगस्त 2022 लिखवाई गई। इसके तहत तीसरी बेटी शादी से पहले ही हो गई। नगर निगम, शिक्षा विभाग और स्कूल में फेक डॉक्यूमेंट पेश कर सरकारी सेवा का लाभ उठाकर धोखाधड़ी की।

शिक्षा विभाग ने शुरू की विभागीय जांच

शिकायत में बताया- जालसाजी का पता चलने पर पत्नी की नियुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट और शिकायत प्रिंसिपल को दी। प्रिंसिपल ने भी फर्जीवाड़े में शामिल होकर शिकायत को दबाने का प्रयास किया। उसने शिकायत को अधिकारियों को नहीं भेजा। न ही विभागीय कार्रवाई शुरू करवाई।

शिक्षा विभाग को नियुक्ति के संबंध में शिकायत और डॉक्यूमेंट पेश किए गए, जिसके आधार पर महिला के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला गंभीर पाते हुए विभागीय जांच प्रारंभ कर दी।

झूठे केस में फंसाने की धमकी

नवंबर 2025 में जांच शुरू होने पर पत्नी चुपचाप रहने लगी। पति की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। करीब 8 महीने चुप रहने के बाद जुलाई 2026 में विधिक नोटिस का जवाब भेजा।

इसमें झूठे, गंभीर और पॉक्सो जैसे क्राइम के आरोप लगाए। नोटिस में धमकी दी कि या तो तलाक दे, नहीं तो झूठे केस में फंसाएगी।

पुलिस के सामने बनाया दबाव

पति का आरोप है कि साल 2021 में हुई शादी को लिव-इन में रहना बताया। जब वह FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई कर रहा था। इस दौरान थाने में उसे यह कहकर बुलाया गया कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद के संबंध में काउंसलिंग करनी है।

थाने पहुंचने पर पत्नी ने शिक्षा विभाग में की गई शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया। यह लिखकर देने के लिए कहा कि शिक्षा विभाग में झूठी शिकायत की है। इसके साथ बिना किसी शर्त तलाक देने के लिए दबाव बनाया।

मना करने पर झूठे आरोपों के आधार पर पुलिस के सामने ही मारने और झूठी आपराधिक कार्रवाई करने की धमकियां दी। प्रिंसिपल की बहुत पहुंच होना बताकर धमकाया कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुलिस ने भी महिला पर कार्रवाई करने की बजाय उसे ही शांतिभंग में अरेस्ट कर लिया।

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