- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मदुरै में ‘थाईमामन थंगा मोधिरम’ योजना की शुरुआत की
TVK नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आज अपना एक चुनावी वादा पूरा किया। उन्होंने नवजात शिशुओं के लिए ‘थाईमामन थंगा मोदिरम’ योजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री विजय एक विशेष विमान से मदुरई पहुंचे और वहां से उन्होंने सरकारी राजाजी अस्पताल में इस योजना को लॉन्च किया। CM विजय ने 25 नवजात शिशुओं को एक ग्राम की 22 कैरेट सोने की अंगूठियां भेंट की। इस अवसर पर कई ननवजात शिशुओं को CM ने अपनी गोद में उठाया साथ ही माताओं की रिक्वेस्ट पर कुछ बच्चों का नाम कान में बोलकर उनका नामकरण भी किया। 22 जून, 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को इस सरकारी योजना का लाभ मिलेगा।
सीएम विजय ने पूरा किया वादा
दरअसल, तमिलनाडु में शिशु के जन्म लेने पर मामा की ओर से भेंट देने का कल्चर है। CM विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को तमिलनाडु की महिलाओं का भाई बताते हुए एलान किया था कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद एक मामा की तरफ से सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले हर शिशु को 1 ग्राम सोने की अगूंठी भेंट की जाएगी। इस योजना के पहले चरण के तहत, सरकार ने 1.28 लाख अंगूठियां खरीदी हैं। इन्हें सुरक्षित रूप से पैक किया गया है और हर अंगूठी पर एक यूनिक सीरियल नंबर खुदा हुआ था ताकि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जा सके। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 755.83 करोड़ का सालाना खर्च तय किया है।
किन लोगों को मिलेगा लाभ
जो माताएं राज्य की स्थायी निवासी हैं और जिन्होंने ‘प्रेग्नेंसी एंड इन्फेंट कोहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन’ (PICME) के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है और ‘रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ’ (RCH) ID भी प्राप्त कर ली है, वे इस लाभ को पाने की पात्र होंगी। आज से पूरे राज्य में गोल्ड रिंग भेंट करने का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए पूरे राज्य में 107 केंद्र बनाये गए हैं और हर केंद्र में हर दिन 100 शिशुओं को अंगूठी भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूरे राज्य में शुरू की गई योजना
शुरुआत में यह योजना 15 सितंबर को शुरू होनी थी, लेकिन इसे टाल दिया गया और बाद में 28 सितंबर के लिए तय किया गया। इसके बाद लॉन्च की जगह बदलकर मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल कर दी गई। सोमवार से पूरे राज्य में इस योजना के शुरू होने के साथ ही, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पैदा होने वाले योग्य नवजात शिशु इसके दायरे में आ जाएंगे। इस तरह तमिलनाडु सरकार अपने अहम चुनावी वादों में से एक को लागू करने जा रही है।

