आगरा में साइबर ठगों ने CID इंस्पेक्टर के बैंक खाते से सात बार में 4 लाख रुपये निकाल लिए। इंस्पेक्टर को रकम निकलने का कोई मैसेज तक नहीं मिला।
वहीं, दूसरे मामले में DGP का PRO बनकर युवक को ASI क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया और परिवार से 13.25 लाख रुपये ठग लिए गए। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में शिकायत की गई है।
7 बार में खाते से निकाले 4 लाख रुपये
पहला मामला प्रयागराज की पीपलगांव शाखा से जुड़ा है। मूल रूप से खेलगांव पब्लिक स्कूल, बजहा, प्रयागराज निवासी लखन लाल मिश्र CID इंस्पेक्टर हैं और आगरा में तैनात हैं। उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक की पीपलगांव शाखा में है।
लखन लाल मिश्र के मुताबिक, 20 सितंबर को सात बार में उनके खाते से 4 लाख रुपये निकाल लिए गए। रकम निकलने का कोई मैसेज भी उनके मोबाइल पर नहीं आया। बाद में बैंक खाता चेक करने पर उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया।
DCP साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
DGP का PRO बताकर बेटे को नौकरी दिलाने का झांसा
दूसरा मामला न्यू जनता कॉलोनी, मुस्तफा क्वार्टर का है। यहां रहने वाले अरविंद कुमार सक्सेना ने बताया कि उनकी पत्नी सुनीता सक्सेना शिक्षिका हैं और रोहता क्षेत्र में BLO का काम देख रही हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात वीरू शर्मा नाम के व्यक्ति से हुई। उसने खुद को समाजसेवी बताया और लखनऊ में बड़े अधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया।
कुछ समय बाद वीरू ने फोन कर कहा कि उनके बेटे ने ASI क्लर्क की परीक्षा दी है और वह उसका चयन करा सकता है। उसने दावा किया कि उसके संबंध DGP के PRO से हैं। इसके बाद उसने राज शर्मा नाम के व्यक्ति से फोन पर बात कराई और उसे DGP का PRO बताया।
13.25 लाख लेने के बाद भेजी फर्जी रिजल्ट PDF
आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों ने कई बार में 13.25 लाख रुपये ले लिए। विश्वास दिलाने के लिए व्हाट्सएप पर परीक्षा परिणाम की फर्जी PDF भी भेजी गई। जब अरविंद सक्सेना ने अधिकृत वेबसाइट पर बेटे का नाम चेक किया तो वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला।
पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी है। DCP सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले में साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई की जाएगी।

