नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लीडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह 10 बजे 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया गया। तीनों को दिल्ली कैंट में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों ने ₹50 हजार का बेल बॉन्ड भी भरा।
पुलिस ने शनिवार को CJP के प्रदर्शन से पहले तीनों नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया था। CJP ने रविवार को लगातार दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन रोक दिया था और करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच आज छुट्टी के दिन दिल्ली में पुलिस कार्रवाई से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। पहली याचिका में 250 ट्रेनें रद्द करने और 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखने के मामले में गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और DMRC चेयरपर्सन डी. थारा के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। दूसरी याचिका में विपक्षी नेताओं की हिरासत को चुनौती देते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।
शांति भंग की तो जमानत की रकम जब्त हो सकती है
- तीनों CJP नेताओं ने एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए ₹50 हजार का जमानती मुचलका भरा है। अगर इस दौरान वे मुचलके की शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो उनकी जमानत की रकम जब्त हो सकती है।
- अगर वे कोई नया अपराध करते हैं, तो पुलिस उस मामले में अलग से कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वे एक साल तक प्रदर्शन नहीं कर सकते।

