दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : दुनिया का सबसे बड़ा घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी आज से खेला जा रहा है। 1934-35 में शुरू हुई इस चैंपियनशिप का यह 92वां सीजन है। इसमें 38 टीमें खिताब के लिए उतर रही हैं। 138 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के इतिहास में मुंबई ने सबसे ज्यादा 42 बार खिताब जीता है।
रणजी ट्रॉफी टीम इंडिया में जगह बनाने का अहम मंच रही है। इस सीजन यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, सरफराज खान और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजरें रहेंगी।
क्या रणजी ट्रॉफी भारत का पहला क्रिकेट टूर्नामेंट था?
1892 में यूरोपियन और पारसी टीमों के बीच बॉम्बे प्रेसीडेंसी मैच खेला गया था। बाद में यह टूर्नामेंट बॉम्बे ट्रायएंगुलर, क्वाड्रैंगुलर और फिर पेंटांगुलर के रूप में आगे बढ़ा। इसमें हिंदू, मुस्लिम और ‘द रेस्ट’ जैसी टीमें भी शामिल हुईं। यह टूर्नामेंट 1946 तक चला।
मुंबई के नाम सबसे ज्यादा खिताब, जम्मू-कश्मीर डिफेंडिंग चैंपियन
मुंबई ने 42 बार खिताब जीता है। लगातार 15 सीजन चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी मुंबई के नाम है। कर्नाटक 8 खिताब के साथ दूसरे और दिल्ली 7 खिताब के तीसरे नंबर पर है।
वैसे पिछले सीजन की सबसे बड़ी कहानी जम्मू-कश्मीर की रही। 1959-60 से टूर्नामेंट में खेल रही टीम 67 साल बाद चैंपियन बनी।
2026-27 में कितनी टीमें और कैसा होगा फॉर्मेट?
यह सीजन 11 अक्टूबर 2026 से 3 मार्च 2027 तक खेला जाएगा। 38 टीमों को एलीट और प्लेट डिवीजन में बांटा गया है। एलीट में 32 टीमें चार ग्रुप में होंगी। प्लेट में 6 टीमें खेलेंगी।
एलीट में हर टीम अपने ग्रुप की बाकी सात टीमों से भिड़ेगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल होगा। प्लेट डिवीजन की 6 टीमें आपस में खेलेंगी और फाइनल से विजेता तय होगा।
टूर्नामेंट दो स्टेज में खेला जाएगा। पहला अक्टूबर-नवंबर में होगा। इसमें 19 मैच खेले जाएंगे। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी और विजय हजारे वनडे ट्रॉफी खेली जाएंगी। रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण जनवरी 2027 में शुरू होगा।
2026-27 सीजन में किन खिलाड़ियों पर नजर रहेगी?
इस सीजन कुछ खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया में वापसी का मौका होगा, तो कुछ अपनी दावेदारी मजबूत करने उतरेंगे।
- केएल राहुल (कर्नाटक): न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले लाल गेंद से लय हासिल करने का मौका।
- यशस्वी जायसवाल (मुंबई): घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी को और मजबूत करने पर नजर।
- मोहम्मद शमी (बंगाल): पिछले रणजी सीजन में 37 विकेट लेने के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद।
- मोहम्मद सिराज (हैदराबाद): अपनी घरेलू टीम के लिए खेलने वाले भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल।
- सरफराज खान (मुंबई): टेस्ट टीम में वापसी की दावेदारी मजबूत करने का मौका।
- रवींद्र जडेजा (सौराष्ट्र): न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले मैच अभ्यास हासिल करने की कोशिश।
- वॉशिंगटन सुंदर (तमिलनाडु): बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में अपनी उपयोगिता दिखाने का अवसर।
- आयुष म्हात्रे (मुंबई): युवा स्तर पर सफलता के बाद सीनियर घरेलू क्रिकेट में निरंतरता साबित करने की चुनौती।
- शिखर मोहन (झारखंड): पिछले सीजन 600 से ज्यादा रन बनाने के बाद एक बार फिर बड़ी पारियां खेलने की उम्मीद।
- आकिब नबी (जम्मू-कश्मीर): पिछले सीजन 60 विकेट लेकर टीम को चैंपियन बनाया।

