नई दिल्ली : मौसम पूर्वानुमान एजैंसी साऊथ एशियन सीजनल क्लाइमेट आऊटलुक फोरम (SASCOF) का कहना है कि भारत की 18.6 प्रतिशत आबादी को इस साल मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश और 12.7 प्रतिशत आबादी को सामान्य से अधिक बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इसके अनुसार उत्तर में सामान्य से कम बारिश होने की 52 प्रतिशत संभावना है और देश के मध्य भागों में सामान्य से कम वर्षा की 40 प्रतिशत संभावना है।
SASCOF ने कहा कि भारत के दक्षिणी और पूर्वी भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने का 50 प्रतिशत अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पिछले महीने कहा था कि भारत में अल नीनो की स्थिति के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में सामान्य बारिश होने का अनुमान है। वहीं निजी पूर्वानुमान एजैंसी ‘स्काईमेट वैदर’ ने देश में सामान्य से कम मानसून बारिश होने की संभावना जताई थी।

