चेन्नई : तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल से सोमवार देर रात 17 कैदी फरार हो गए। कैदियों ने एक साथी को मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। उसकी मदद के लिए जैसे ही जेलकर्मी सेल में पहुंचे, सभी ने उन पर हमला कर दिया और फरार हो गए। पुलिस ने अब तक 5 कैदियों को गिरफ्तार किया है।
बाकी कैदियों की तलाश जारी है। उन्हें पकड़ने के लिए 17 स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। आसपास के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है और पड़ोसी राज्य केरल की पुलिस को भी सूचना दी गई है। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात 9 जेलकर्मियों और अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
तमिलनाडु में कैदियों के एक साथ फरार होने की यह 1995 के बाद बड़ी घटनाओं में से एक है। उस साल वेल्लोर किले के अंदर बने विशेष हिरासत केंद्र से LTTE के 43 संदिग्ध सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। उस सुरंग की लंबाई करीब 153 फीट (47 मीटर) थी।

पुलिस ने पकड़े गए कैदियों की तस्वीरें जारी की हैं।
एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट, अस्पताल में भर्ती
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, कैदियों ने बताया था कि एक कैदी को दौरे पड़ रहे हैं। इसके बाद जेल कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे सभी कैदियों ने उन पर हमला कर दिया।
घटना में 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। थेनी जिला जेल में तैनात ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट आई है। उन्हें जी. विलाक्कु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य जेलकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं।

जेल की सुरक्षा में चूक कैसे हुई और कैदी तीन सुरक्षा गेट और मेन गेट पार करके बाहर कैसे निकले, इसकी जांच की जा रही है।
16 जगहों पर चेकपोस्ट, वाहनों की जांच जारी
घटना के बाद आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 जगहों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं। यहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि फरार कैदियों को पकड़ा जा सके।
डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस. जयकुमार ने चेकपोस्ट बनाए जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने मदुरै, डिंडीगुल और केरल के इडुक्की जिले के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी है। फरार कैदियों की तस्वीरें सभी पुलिस थानों के बीच शेयर की गई हैं।

सभी बस स्टैंड पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस ने बसों की भी तलाशी ली।

थेनी जिले में रातभर सड़कों पर गाड़ियों की चेकिंग जारी रही।

तमिलनाडु-केरल बॉर्डर पर नए चेक पोस्ट बनाकर वाहनों की जांच की गई।
विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
घटना के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर जेल की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है।
DMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि चेन्नई की पुजल जेल से दो कैदियों के फरार होने की घटना के बाद अब थेनी से 17 कैदियों का भागना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना होना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने भी जेल की सुरक्षा पर सवाल उठाए। BJP के मुख्य प्रवक्ता नारायणन थिरुपति ने इसे सरकार की नाकामी बताया।

