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क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में चमका जीएलए एशिया में 491वीं रैंक

  • जीएलए ने दक्षिण एशिया में 123वां, भारत में 65वां स्थान हासिल कर बढ़ाया गौरव

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए प्रतिष्ठित क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में एशिया की 6,342 सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों के बीच 491वीं रैंक हासिल की है। विश्वविद्यालय ने दक्षिण एशिया में 123वीं, संपूर्ण भारत में 65वीं और उत्तर प्रदेश की निजी विश्वविद्यालयों में चौथी रैंक प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। इस उपलब्धि के साथ जीएलए विश्वविद्यालय ने एशिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह सुनिश्चित की है।

विश्वविद्यालय की यह सफलता 29 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। जीएलए देश का प्रथम माइक्रोसॉफ्ट जेनएआई कैंपस और उत्तर भारत का प्रथम गूगल एजेंटिक एआई यूनिवर्सिटी होने की उपलब्धि भी रखता है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जा रही है। प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वर्तमान बैच में 3200 से अधिक जॉब ऑफर मिले हैं, जबकि विद्यार्थियों को 60 लाख रुपये तक का उच्चतम पैकेज प्राप्त हुआ है। पिछले पांच वर्षों में 86 प्रतिशत का ओवरऑल प्लेसमेंट रहा है। विश्वविद्यालय के 1800 से अधिक शीर्ष रिक्रूटर्स, विदेशों में कार्यरत 7000 से अधिक पूर्व विद्यार्थी और 54 हजार से अधिक एलुमनाई इसकी व्यापक शैक्षणिक एवं औद्योगिक पहचान को दर्शाते हैं।

अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के 14000 से अधिक शोध प्रकाशन, 110 से अधिक पेटेंट और 900 से अधिक शीर्ष फैकल्टी सदस्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। यहां 157 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और 14 रिसर्च सेंटर संचालित हैं। इसके अलावा 39 फैकल्टी सदस्य स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। विश्वविद्यालय के प्रयासों से 65 से अधिक स्टार्टअप को वित्तीय सहयोग मिला है और 120 से अधिक वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है।

यह उपलब्धि हमारी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जीएलए विश्वविद्यालय का यह स्थान हमारे वर्षों के समर्पण, दूरदर्शी सोच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। जब हमने इस विश्वविद्यालय की स्थापना का संकल्प लिया था, तब हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा ज्ञान, कौशल और संस्कार देना था, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। आज ब्रज की धरती पर स्थापित यह विश्वविद्यालय एशिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के बीच अपनी जगह बना रहा है, यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज और राष्ट्र के भविष्य को बेहतर बनाना है। इसी सोच के साथ हमारा प्रयास है कि जीएलए विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और उद्योगों के साथ सहभागिता में भी नए कीर्तिमान स्थापित करे। यह उपलब्धि हमारी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। मैं इस सफलता के लिए विश्वविद्यालय के प्रत्येक शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी, शोधार्थी और अभिभावक को बधाई देता हूं। सभी के सामूहिक प्रयासों से जीएलए को भविष्य में वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित पहचान दिलाना हमारा संकल्प है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. विवेक अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. विशाल गोयल सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में विश्वविद्यालय की यह सफलता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार, प्रभावी शैक्षणिक व्यवस्था और पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को नए लक्ष्य निर्धारित करने और विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रेरित करेगी।

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