- महिला सशक्तीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक और स्वरोजगार के अवसरों पर हुआ मंथन
दैनिक उजाला, मथुरा : कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराने और आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने के उद्देश्य से जीएलए विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संकाय द्वारा किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 150 से अधिक महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कृषि से जुड़ी अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अभिषेक शुक्ला, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष प्रो. वाई के शर्मा, विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र राजपूत, प्रगतिशील किसान दिलीप कुमार यादव एवं कृषि विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. शैलेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने महिलाओं की कृषि क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सशक्त भारत और समृद्ध कृषि तभी संभव है, जब महिलाएं भी सशक्त हों। कृषि क्षेत्र में ऐसी अपार संभावनाएं हैं, जिनके माध्यम से महिलाएं आगे आकर अपने उद्यम स्थापित कर सकती हैं और स्वावलंबी बन सकती हैं। कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कृषि एवं कृषक समुदाय को सशक्त बनाने के लिए नवाचार और अनुसंधान पर जोर दिया।
कार्यक्रम के उद्देश्य, रूपरेखा एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रो. शैलेश कुमार सिंह ने महिला किसानों को कृषि आधारित व्यवसायों को आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिला किसानों से विश्वविद्यालय से जुड़कर उपलब्ध सुविधाओं एवं अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
कृषि विज्ञान केंद्र, उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (डीयूवीएएसयू), मथुरा के अध्यक्ष प्रो. वाई के शर्मा ने फसल उत्पादकता एवं मृदा स्वास्थ्य के संबंध में महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया। इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र राजपूत ने मृदा स्वास्थ्य एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अभिषेक शुक्ला ने नाबार्ड एवं अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से किसानों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं, संस्थागत सहयोग तथा विभिन्न अवसरों की जानकारी प्रदान की।
सम्मेलन में ‘एक सोच फाउंडेशन’ के शिव प्रकाश ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर व्याख्यान दिया, जिसका उपस्थित किसानों ने लाभ उठाया। वहीं, संस्था की महिला अधिकारी चंचल चौधरी ने महिला उद्यमिता पर सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता अपनाने, स्वरोजगार के अवसरों को समझने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया।
गोवर्धन विकासखंड के प्रगतिशील कृषक दिलीप यादव ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन से जुड़े अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र में विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सार्थक विचार-विमर्श के माध्यम से वैज्ञानिक समुदाय एवं कृषक समुदाय के बीच संवाद को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। सम्मेलन में अडिंग, जचौंदा, नीमगांव और जखनगांव की 150 से अधिक महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने अपनी समस्याएं, जिज्ञासाएं एवं बहुमूल्य सुझाव साझा कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी व्यक्तियों एवं संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पंजीकरण, उद्घाटन सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रक्षेत्र भ्रमण, प्रदर्शनी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन में योगदान देने वाले सभी सदस्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सर्वेश सिंह एवं डॉ. प्रदीप जोलिया ने किया।

