Breaking
Tue. Nov 3rd, 2026

7 IIT में SC-ST-OBC समुदाय से सिर्फ 18% फैकल्टी:जबकि 49.5% पद आरक्षित; इसी साल IIT बॉम्बे में जातिगत भेदभाव के आरोप लग चुके

देश के सात आईआईटी में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की सिर्फ 18% फैकल्टी हैं, जबकि इन वर्गों के लिए कुल 49.5% पद आरक्षित हैं।

आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र प्रणव जीवन पी. को आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, आईआईटी खड़गपुर में स्थिति सबसे खराब है। यहां 781 फैकल्टी में इन वर्गों की केवल 68 यानी 8.7% फैकल्टी हैं।

केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान अधिनियम, 2019 के तहत फैकल्टी के 15% पद एससी, 7.5% एसटी और 27% ओबीसी के लिए आरक्षित हैं। इसके बावजूद संस्थानों में इन वर्गों का प्रतिनिधित्व कम है।

18 सितंबर को IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के की आत्महत्या के बाद भी संस्थान पर जातिगत भेदभाव के आरोप लगे थे। साहिल के पिता रवींद्र ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने संस्थान में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा।

उम्मीदवारों की कमी भी नहीं

खास बात यह है कि उम्मीदवारों की कमी भी नहीं है। आईआईटी खड़गपुर में 2025 से मिले शिक्षक भर्ती के 48% आवेदन इन्हीं वर्गों के हैं। आरोप है कि आईआईटी योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने का बहाना बनाकर आरक्षित पद नहीं भर रहे हैं।

आईआईटी खड़गपुर में 1,136 छात्रों पर एक ही मेंटल हेल्थ विशेषज्ञ है। यूजीसी के मानक के मुताबिक, हर 500 छात्रों पर एक विशेषज्ञ होना चाहिए।

IIT बॉम्बे में इस साल 3 सुसाइड

साहिल की मौत इस साल IIT बॉम्बे में तीसरा मामला है, जबकि देश के IITs में यह नौवां मामला बताया गया है। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *