सादाबाद : सादाबाद क्षेत्र के गांव कुरसंडा ग्राम पंचायत की गौशाला में संरक्षित गोवंश की देखरेख और उपचार में लापरवाही बरतने के मामले में ग्राम पंचायत सचिव और पशुधन प्रसार अधिकारी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। दोनों कर्मचारियों पर गोवंश का समुचित संरक्षण नहीं करने और बीमार पशुओं का समय से उपचार नहीं कराने का आरोप लगाया गया है।
मामला 30 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद सामने आया। वीडियो में कुरसंडा गौशाला के अंदर कई गोवंश मृत अवस्था में पड़े होने की बात दिखाई गई थी। वीडियो का संज्ञान लेते हुए 31 अक्टूबर को खंड विकास अधिकारी सादाबाद सुरेश कुमार सिंह और उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास यादव ने संयुक्त रूप से गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया।
जांच के दौरान गौशाला में चार गोवंश बीमार अवस्था में मिले। इनमें दो की हालत अत्यंत गंभीर और दो सामान्य रूप से बीमार पाए गए। निरीक्षण के दौरान एक गाय का अविकसित भ्रूण भी मृत अवस्था में मिला, जिसे अधिकारियों ने मौके पर गड्ढा खुदवाकर नियमानुसार दफन कराया।
जांच में सामने आया कि गौशाला के प्रबंधन और गोवंश की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिव संत कुमार के पास है, जबकि पशुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पशुधन प्रसार अधिकारी दिनेश पाल सिंह की तैनाती है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सचिव मथुरा और पशुधन प्रसार अधिकारी आगरा से आवागमन करते हैं, जिसके कारण गौशाला के प्रबंधन और पशुओं की नियमित देखरेख पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा था।
खंड विकास अधिकारी सुरेश कुमार सिंह की ओर से 3 नवंबर को सादाबाद कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उक्त प्रकरण को दृष्टिगत रखते हुए बीती रात्रि भी मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उक्त गौशाला का निरीक्षण किया गया।

