Breaking
Tue. Nov 3rd, 2026

शंकराचार्य बोले- श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वाला मूर्ख:धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- हमारे राम सीधे, तुम्हारे कृष्ण 3 जगह से टेढ़े

वाराणसी : वाराणसी में सुमेरु पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री पर भड़क गए। उन्होंने दैनिक भास्कर से कहा- भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के बीच अंतर बताने वाले व्यक्ति से बड़ा मूर्ख और अज्ञानी शायद ही कोई होगा। शिव, कृष्ण और राम में कोई अंतर नहीं है।

उन्होंने कहा- किसी कथावाचक को नशे में या किसी अन्य स्थिति में ऐसी अनर्गल टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों। देशद्रोही गतिविधियों में जो लिप्त हैं, उन्हें शूट कर देना चाहिए।

शंकराचार्य ने कहा- सरकारों की हिम्मत नहीं है कि मस्जिद-चर्च ले लें। मगर हिंदुओं का मंदिर लेकर उसका धर्म हड़पना चाहते हैं। मंदिर पर सनातनियों और हिंदुओं का अधिकार होना चाहिए।

दरअसल, 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रामकथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- हमारे राम सीधे हैं, तुम्हारे कृष्ण टेढ़े। तुम्हारे ठाकुरजी की खोपड़िया भी टेढ़ी, नाम भी टेढ़ा और चलते-खड़े भी टेढ़े होते हैं। हालांकि, मामले में विवाद के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में संस्कृति संसद का आज शुभांरभ हुआ। 5 नवंबर तक चलने वाली संसद में देशभर से करीब 3000 संत और 7000 से अधिक युवा शामिल हो रहे हैं। इसमें देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार और शिक्षाविद हैं।

शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती बोले- भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वाला अज्ञानी

सुमेरु पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मर्यादा और सीमा में रहकर बयान देना चाहिए। देवी-देवता लोगों की आस्था के केंद्र हैं। किसी कथावाचक को नशे में या किसी अन्य स्थिति में ऐसी अनर्गल टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों।

भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के बीच अंतर बताने वाले व्यक्ति से बड़ा मूर्ख और अज्ञानी शायद ही कोई होगा। करीब 500 वर्ष पहले गोस्वामी तुलसीदास जब ब्रज पहुंचे और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए, तो कहा था- ‘तुलसी मस्तक तब नवै, धनुष बाण ले हाथ।’

भगवान श्रीकृष्ण ने तुलसीदास को अपने हाथों में धनुष-बाण धारण कर श्रीराम के स्वरूप में दर्शन दिए थे। उन्होंने कहा कि भगवान शिव, श्रीकृष्ण और श्रीराम में कोई भेद नहीं है। ये सभी अभिन्न हैं। तत्व की दृष्टि से सभी एक हैं।

महंत रविंद्र पुरी ने कहा- भगवान के स्वरूप पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि हर समय वाणी पर मां सरस्वती और बुद्धि पर मां लक्ष्मी की कृपा एक समान नहीं रहती। संसार के बड़े-बड़े सिद्ध और संतों से भी कभी-कभी बोलने में चूक हो जाती है। इसे अंग्रेजी में ‘लैंग्वेज स्लिप’ कहा जाता है। धीरेंद्र शास्त्री का बगैर नाम लिए कहा- वे युवा हैं और हनुमान जी की उन पर विशेष कृपा है। इसलिए भगवान के स्वरूप और देवताओं को लेकर ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, जिससे समाज में मतभेद पैदा हों।

भगवान श्रीकृष्ण ब्रह्म के अवतार हैं और उनके बारे में की गई टिप्पणी उचित नहीं है। वे एक साधु और ब्राह्मण हैं। लेकिन भौतिक वैभव और गद्दी मिलने के बाद व्यक्ति के विचारों और व्यवहार में बदलाव आ सकता है। गद्दी पर बैठने के बाद बहुत लोगों को नीचे गिराने के लिए उनके शब्द काफी होते हैं।

दिल्ली में चल रहा आंदोलन देश को बांट रहा

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि दिल्ली में जो आंदोलन चल रहा है। यह देश को बांटने का काम कर रहा है। आंदोलन को मुस्लिम समुदाय का समर्थन मिल रहा है। इसमें वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोग भी सक्रिय हैं। चुनावों में गाय का मुद्दा भी आएगा। गाय के मुद्दे पर अखिलेश और राहुल पर पर विश्वास कर सकते हैं क्या? अगर कोई बड़े संत केंद्र सरकार को और योगी जी को गौ माता के बारे में कठिन शब्दों का प्रयोग करें, तो यह जो सारा षड्यंत्र है। यह षड्यंत्र केवल मोदी सरकार बदलने के लिए नहीं, यह संपूर्ण व्यवस्था को बदलने के लिए है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *