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Wed. Jun 3rd, 2026

हाथरस मुरसान के कई गांव में पिछले चार दिन से बिजली व्यवस्था ध्वस्त, Excian और SE की लापरवाही से जनता जाग रही, फ़ोन भी अटेंड नहीं

  • मुरसान क्षेत्र के बमोली विद्युत उपकेंद्र से जुड़े आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग पिछले चार दिनों से अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर

मुरसान (हाथरस) : भीषण गर्मी के बीच मुरसान क्षेत्र के बमोली विद्युत उपकेंद्र से जुड़े आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग पिछले चार दिनों से अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। नगला अंता, ढकपुरा, भाकरी नगला भोजा ग्राम पंचायत समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आरोप है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी न तो मौके पर पहुंचे हैं और न ही उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से ले रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर विद्युत खंभे टूटे पड़े हैं और लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। दिन में भीषण गर्मी और रात में उमस के कारण लोग सो नहीं पा रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की स्थिति सबसे अधिक खराब है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (द्वितीय) और अधीक्षण अभियंता (एसई) ने अब तक क्षेत्र का निरीक्षण तक नहीं किया है। कई बार फोन करने के बावजूद अधिकारी कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अधिकारी स्वयं गांवों में आकर हालात देखते तो जनता की पीड़ा का अंदाजा लगा सकते थे।

स्थानीय निवासी रविन्द्र ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “चार दिन से गांव अंधेरे में डूबे हैं। लोग रात-रात भर जागने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को जनता की परेशानी से कोई सरोकार नहीं दिखाई दे रहा। एक्सईएन द्वितीय और एसई ने अभी तक मौके का निरीक्षण तक नहीं किया। फोन उठाना भी उचित नहीं समझ रहे हैं। यह जनता के प्रति बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की और क्षतिग्रस्त खंभों व लाइनों की मरम्मत नहीं कराई तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। लोगों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

ग्रामीणों की मांग है कि एसई और एक्सईएन स्वयं प्रभावित गांवों का दौरा करें, मरम्मत कार्य की निगरानी करें और तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कर जनता को राहत दिलाएं।

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