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हिमाचल में कुत्ते को लेकर पेड़ पर चढ़ा बंदर: 20 फुट ऊंचाई पर 10 मिनट तक बैठे रहे, कुत्ता भी नहीं घबराया; फिर नीचे लाकर छोड़ा

मंडी (हिमाचल) : हिमाचल में जानवरों के आपसी प्रेम का एक वीडियो सामने आया है। बंदर एक कुत्ते के पिल्ले को लेकर पेड़ पर चढ़ गया। करीब 20 फुट की ऊंचाई पर वह पिल्ले को लेकर एक टहनी पर बैठ गया। इस दौरान न तो बंदर ने पिल्ले को नुकसान पहुंचाया और न ही पिल्ले ने बंदर से छूटने की कोई कोशिश की।

इस दौरान नीचे लोग जमा हो गए। उन्हें डर लगा कि अगर बंदर ने पिल्ले को छोड़ दिया तो नीचे गिरकर उसकी मौत हो सकती है। हालांकि करीब 10 मिनट इसी तरह बैठे रहने के बाद बंदर ने पिल्ले को आराम से उतारकर नीचे जमीन पर छोड़ दिया। यह वीडियो 3 दिन पुराना बताया जा रहा है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट ने इसे क्लाइमेट चेंज का असर बताया है।

रिवालसर में पेड़ पर पिल्ले को लेकर बैठा बंदर और पिल्ला भी बिना घबराहट शांत बैठा नजर आ रहा।

रिवालसर में पेड़ पर पिल्ले को लेकर बैठा बंदर और पिल्ला भी बिना घबराहट शांत बैठा नजर आ रहा।

  • हम चिंता में थे, बंदर ने नीचे नहीं छोड़ा: मंडी के रिवालसर के रहने वाले अजय सूर्या ने बताया कि यह हमारे इलाके का वीडियो है। जब बंदर पिल्ले को लेकर पेड़ में चढ़ा तो वहां मौजूद सभी लोग कुत्ते की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए थे, क्योंकि बंदर पेड़ पर लगभग 20 फीट की ऊंचाई पर बैठा था। ऐसे में यदि बंदर पेड़ से ही पिल्ले को नीचे छोड़ देता तो इससे उसकी मौत हो सकती थी। हालांकि बंदर ने ऐसा नहीं किया, बल्कि उसे जमीन पर लाकर छोड़ा।
  • स्ट्रे डॉग है, कल को बच्चे भी उठा सकते बंदर: अजय सूर्या ने बताया कि जिस पिल्ले को बंदर ने गोद में उठाया था, वह पालतू नहीं बल्कि स्ट्रे-डॉग है। उन्होंने बताया कि बेशक बंदर ने पिल्ले को नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ा दी है। बंदर इंसानों के बच्चों के साथ भी ऐसी हरकत कर सकते हैं।
डीएफओ एवं वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ से एसएस कश्यप।

डीएफओ एवं वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ से एसएस कश्यप।

विभाग में डीएफओ एवं वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ से एसएस कश्यप ने कहा कि क्लाइमेट चेंज के साथ जानवरों के व्यवहार में भी बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा- बंदर बहुत ही शार्प माइंड का जानवर होता है, ऐसे में वह इंसान की तरह कई चीजों की नकल बहुत जल्दी कर लेते हैं। इससे एक दूसरे के विरोधी होने के बावजूद एक दूसरे के साथ मित्रता का व्यवहार भी कर सकते हैं।

वन्य जीव प्रेमी व देवभूमि पर्यावरण रक्षक मंच अध्यक्ष नरेंद्र सैणी।

वन्य जीव प्रेमी व देवभूमि पर्यावरण रक्षक मंच अध्यक्ष नरेंद्र सैणी।

मादा बंदर, उसमें दया-प्रेम की भावना ज्यादा

वन्य जीव प्रेमी व देवभूमि पर्यावरण रक्षक मंच अध्यक्ष नरेंद्र सैणी ने बताया कि यह नई बात नहीं है। पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है, जिसमें जीव जंतु एक दूसरे के बच्चे के प्रति प्रेम भावना दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी वायरल हुआ वीडियो देखा जिससे यह प्रतीत हुआ कि यह मादा बंदर है, जिनमें दया और प्रेम की भावना ज्यादा होती है।

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