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Mon. Apr 27th, 2026

राजस्थान: मर्डर से गुस्साई भीड़ ने पूरी बस्ती फूंक-डाली:चूल्हे पर रोटियां छोड़ कर भागे; लोग मशालें लेकर बस्ती में घुसे

बांसवाड़ा : राजस्थान में प्रेम-प्रसंग के विवाद को लेकर भीड़ ने 35 घरों की बस्ती पर हमला कर दिया। भीड़ ने लकड़ियां और पत्थर सड़क पर डाल कर बस्ती में आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। हत्या से गुस्साए करीब 300 लोग सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान ये भीड़ उग्र हो गई और पूरी बस्ती फूंक डाली। उपद्रवी हाथों में मशालें लिए बस्ती में घुस गए और घरों को आग लगा दी।

अचानक हुए हमले से बस्ती में रहने वाले ग्रामीणों ने भाग कर अपनी जान बचाई। लोग रसोई में बनी रोटियां छोड़ कर भागे। पीछे रह गए मवेशी आग में जल गए, जो बंधे थे वो वहीं बंधे रह गए। मकानों के उपकरण जल गए। अनाज, बिस्तर और पूरा घरेलू सामान जलकर राख हो गया।

कल जहां चहल-पहल थी, वहां अब कोई नहीं है। कहीं मवेशी जले हुए पड़े हैं तो किसी घर का पूरा घर फूंक दिया गया है। छप्पर पोश मकानों का सिर्फ ढांचा बचा है। रसोई में बनी रोटियां ज्यों की त्यों पड़ी है। अचानक हुए हमले में लोग अपने बच्चों और महिलाओं को लेकर किसी और स्थान पर चले गए हैं।

तस्वीर, उस वक्त की है। जब टामटिया में आगजनी की गई। लकड़ियां लगा कर पुलिस को अंदर जाने से रोका गया।

तस्वीर, उस वक्त की है। जब टामटिया में आगजनी की गई। लकड़ियां लगा कर पुलिस को अंदर जाने से रोका गया।

3 डिटेन, 5 थानों की पुलिस तैनात:

मामले को लेकर बांसवाड़ा एसपी सुधीर जोशी ने बताया- अभी 3 लोगों को डिटेन किया गया है। इलाके में 4 थानों लोहारिया, मोटागांव, खमेरा, गढ़ी और घाटोल थाने की पुलिस तैनात हैं। स्थिति काबू में है। पहले पक्ष ने रिपोर्ट दी है, इसमें 5 नामजद हैं और अन्य के नाम भी सामने आए हैं। जांच जारी है।

भाई कई बार समझा चुका था:

बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर है टामटिया गांव। इस गांव में अलग-थलग करीब 2100 की आबादी रहती है। इसमें अलग-अलग बस्तियां हैं।

यहां एक बस्ती के युवक का दूसरी बस्ती की शादीशुदा युवती से प्रेम-प्रसंग था। युवती का भाई युवक को कई कई बार समझा चुका था। लेकिन, युवक मान नहीं रहा था।

हत्या के बाद भीड़ बस्ती में घुसी:

इसी दौरान कल शाम 6 बजे युवक ने युवती के भाई पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काट डाली। इस बात से दूसरे पक्ष के ग्रामीण नाराज हो गए और करीब 300 लोग इकठ्ठा होकर 35 घरों की बस्ती में पहुंच गए।

यहां सड़क के दोनों ओर करीब 35 मकान हैं। ग्रामीणों ने पहले सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन करते रहे, अचानक गुस्साए ग्रामीणों ने बस्ती पर हमला बोल दिया। घरों को आग लगा दी। पुलिस के रास्ते में लकड़ियां बिछा दी। उन्हें अंदर नहीं आने दिया।

एक साथ पहुंची भीड़ को देख करीब 175 की आबादी के बस्ती के लोग भाग निकले।

बोरियों में रखा अनाज भी जला दिया गया था।

बोरियों में रखा अनाज भी जला दिया गया था।

आगजनी में मवेशी भी मारे गए।

आगजनी में मवेशी भी मारे गए।

लोग भागे तो अपने मवेशियों को घर में ही छोड़ गए। इनके लिए अब न पानी है न चारा बचा है।

लोग भागे तो अपने मवेशियों को घर में ही छोड़ गए। इनके लिए अब न पानी है न चारा बचा है।

रसोई में रोटियां, मवेशी भी छोड़ भागे

जब भास्कर इस बस्ती में पहुंचा तो घरों के आगे राख पड़ी थी। पूरा मकान जल गया था। मवेशी जले हुए जमीन पर पड़े थे। एक घर में तो मवेशी बंधे थे। हमला इतना अचानक हुआ कि लोगों को मौका ही नहीं मिला। लोग जिस हालत में थे, उसी हालत में अपने बच्चों को महिलाओं को लेकर जान बचाने के लिए भाग निकले।

घरों में अनाज जला हुआ था, चूल्हे पर बन रही रोटियां भी ज्यों की त्यों पड़ी रह गई। छप्पर पोश मकान की छतें जल गई, अहाते में पड़ी खाट, टंकियां सब की सब जल गई।

अनाज, चारा और वाहन जला दिए

लोगों ने अपने घरों में टंकियों और बोरियों में अनाज रखा था। आग में वह भी जल गया। मवेशियों का चारा तक फूंक दिया।

उपद्रवियों ने घरों के बाहर खड़े वाहनों को जला दिया, आगजनी में करीब 7-8 मोटरसाइकिलें और एक ऑटो रिक्शा जलकर कबाड़ बन गए हैं। हमले के डर से भागे परिवारों के पीछे रहे मवेशी चारे और पानी के संकट से जूझ रहे हैं।

भीड़ बस्ती पर टूट पड़ी, 9 घंटे में बुझी आग

टामटिया के लोग बताते हैं- दोनों परिवारों के बीच पहले भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मामला थाने पहुंचा और पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया था। रविवार को शाम को लड़की के भाई का लड़की के प्रेमी ने कुल्हाड़ी से गला काट डाला।

इससे दूसरे पक्ष में आक्रोश फैल गया। टामटिया में युवक पक्ष के 35 मकान हैं जिनमें करीब 175 लोग रहते हैं। वहीं आगजनी (लड़की के पक्ष) करने वाले लोगों के 90 मकान हैं जिसमें 450 से ज्यादा लोग रहते हैं।

यहां भीड़ की भीड़ इस बस्ती पर टूट पड़ी थी। जिसे जो दिखा आग लगाता गया। पुलिस भी आई लेकिन, उसे भी अंदर नहीं घुसने दिया गया।

2 घंटे में 35 घरों की बस्ती फूंक दी गई। अब यहां जीवन के रूप में कुछ मवेशी बचे हैं। पूरी बस्ती जल गई है। गांव में अब भी पुलिस जाब्ता तैनात है। 8 बजे लगी आग 5 एम्बुलेंस ने 9 घंटे में बुझाई।

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