बरेली : बरेली में मुस्लिम लड़की ने धर्म बदलकर हिंदू प्रेमी से शादी कर ली। शादी से पहले उसने अपना नाम भी बदला और शाहजहां बानो से प्रतीक्षा यादव बन गई। इसके बाद शनिवार रात अगस्त्य मुनि आश्रम में प्रेमी पवन यादव के साथ सात फेरे लिए। पवन ने प्रतीक्षा की मांग में सिंदूर भरा और गले में मंगलसूत्र पहनाया।
शाहजहां बानो उर्फ प्रतीक्षा ने कहा-

मैंने अपनी मर्जी से शादी और धर्म परिवर्तन किया। मुझ पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। हमारे यहां महिलाओं को सिर्फ एक वस्तु समझा जाता है। जब मन चाहता है तो तीन तलाक बोल दिया जाता है। फिर हलाला कराया जाता है। हमें नकाब-बुर्का पहनकर रहने के लिए कहा जाता है, जबकि हिंदू धर्म में ऐसा नहीं है।
शाहजहां बानो (19) जौनपुर की रहने वाली हैं, जबकि पवन यादव (19) प्रतापगढ़ का रहने वाला है। शादी के बाद दोनों लखनऊ चले गए। पवन वहां टूर एंड ट्रैवल्स का काम करते हैं। अब दोनों वहीं साथ रहेंगे।

शाहजहां बानो और पवन यादव ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई।

शाहजहां से हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की। पवन ने शाहजहां की मांग में सिंदूर भरा।

पवन ने शाहजहां को मंगलसूत्र भी पहनाया।
पंडित केके शंखधार ने शाहजहां का शुद्धिकरण कराया
पंडित केके शंखधार ने शाहजहां का गौमूत्र और गंगाजल से शुद्धिकरण कराया। इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप कराया और ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगवाए। फिर दोनों की शादी करवाई। दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। प्रतीक्षा के पैरों में महावर लगाई गई और बिछुए पहनाए गए।
कॉलेज की दोस्ती से शुरू हुई पांच साल पुरानी मोहब्बत
शाहजहां-पवन की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। शाहजहां ने कहा- मैं बालिग हूं। बीए कर चुकी हूं। हम दोनों पांच साल से एक-दूसरे को जानते हैं। हम अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, लेकिन दोनों गांवों के बीच ज्यादा दूरी नहीं है। हम एक ही कॉलेज में पढ़ते थे।
वहीं मुझे पवन से प्यार हो गया। मैंने ही सबसे पहले उन्हें प्रपोज किया। इसके बाद हमारी रोज बातचीत होने लगी और हमने उम्रभर साथ रहने का फैसला किया। तमाम सामाजिक और पारिवारिक मुश्किलों के बावजूद हमने अपने रिश्ते पर भरोसा रखा।

शादी के बाद दोनों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाया।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, फिर पहुंचे बरेली
शाहजहां ने बताया, “शुक्रवार को हमारी फोन पर बात हुई। इसके बाद हम दोनों लखनऊ पहुंचे। सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि बरेली में पंडित केके शंखधार इस तरह के विवाह कराते हैं। हमने उनसे फोन पर संपर्क किया। उनके कहने पर शिक्षा संबंधी प्रमाणपत्र और आधार कार्ड लेकर बरेली पहुंचे। इसके बाद हमने बरेली डीएम कार्यालय में शपथ-पत्र देकर धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन किया। इसके बाद पंडित केके शंखधार ने हमारा विवाह कराया।”

बरेली में पंडित केके शंखधार ने दोनों का विवाह संपन्न कराया।
हिंदू धर्म में महिलाओं को पूरा अधिकार मिलता
शाहजहां ने कहा, “हिंदू धर्म बहुत अच्छा है। मुझे इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती। यहां महिलाओं को पूरा अधिकार मिलता है। यहां शादी कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि सात जन्मों का रिश्ता मानी जाती है।”
2024 में भी शादी के लिए पहुंचे थे बरेली
शाहजहां-पवन 2024 में भी शादी करने के लिए आचार्य केके शंखधार के पास बरेली पहुंचे थे। उस समय शाहजहां ने कहा था कि वह अपनी शादी में अपने भाई रहमान को बुलाना चाहती हैं। जब उन्होंने भाई को शादी की जानकारी दी तो उसने कहा कि अगर अभी शादी कर ली तो छोटी बहन का निकाह नहीं हो पाएगा। पहले छोटी बहन की शादी हो जाने दो, उसके बाद शादी कर लेना।
दो महीने पहले छोटी बहन नाजमीन का निकाह होने के बाद दोनों ने अब शादी करने का फैसला किया। शाहजहां के परिवार में माता-पिता, चार भाई और तीन बहनें हैं। सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी है। उनके पिता सिलाई का काम करते हैं।

