हाथरस : हाथरस में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आगामी वर्षा ऋतु में संभावित जलभराव से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका के वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 28 में नाला सिल्ट सफाई कार्यों का स्थलीय सत्यापन करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने सरस्वती इंटर कॉलेज के समीप स्थित प्रमुख नाले का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने बांस के माध्यम से नाले की गहराई मापी और उसमें कूड़ा-करकट तथा पॉलीथीन जमा होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई होगी
जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका हाथरस को नालों की तत्काल सफाई कराने और कूड़ा हटवाने के निर्देश दिए।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नालियों और नालों से निकाली जाने वाली सिल्ट एवं कचरे को सड़क पर न छोड़ा जाए, बल्कि उसे तुरंत उठाकर निर्धारित निस्तारण स्थल तक पहुंचाया जाए।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं किया जाता है, तो सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने और जनहित को ध्यान में रखते हुए सक्षम स्तर पर एजेंसी का टेंडर निरस्त करने की विधिक कार्यवाही की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि अनेक दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर डस्टबिन नहीं रखते हैं। इसके कारण ग्राहक और अन्य लोग प्लास्टिक की पॉलीथीन तथा अन्य अपशिष्ट सामग्री नालियों में फेंक देते हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था बाधित होती है और जलभराव की समस्या की संभावना बढ़ जाती है।उन्होंने सभी दुकानदारों और नागरिकों से अपने नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करने का आग्रह किया।
नियमों का पालन न करने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान नालियों में कचरा डालते हुए अथवा स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नगरपालिका अधिनियम एवं पुलिस अधिनियम के अंतर्गत चालानी एवं अन्य दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।निरीक्षण के दौरान एडीएम (वित्त एवं राजस्व), उप जिलाधिकारी सदर, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद हाथरस सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

