लखनऊ : यूपी पुलिस को आज से 60,244 नए सिपाही मिल गए हैं। प्रदेशभर के 112 ट्रेनिंग सेंटरों पर पासिंग आउट परेड के बाद जिलों में ये ड्यूटी जॉइन करेंगे। सीएम योगी ने लखनऊ में परेड के दौरान महिला जवानों की सलामी ली। इससे पहले खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया था। सीएम ने कॉन्स्टेबल नेहा यादव को बेस्ट कैडेट का खिताब दिया।
सीएम ने कहा-

यूनिफॉर्म की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन होता है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना कम खून बहाने की नौबत आएगी। बेटियों ने जिस अनुशासन के साथ प्रशिक्षण लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है।
योगी ने कहा- थ्री-नॉट-थ्री के बजाय सिपाहियों को इंसास राइफल से प्रशिक्षण दिया गया। मुझसे कहा गया कि दीक्षांत परेड में बेटियां हिस्सा ले रही हैं। तब मैंने कहा कि जहां बेटियां होंगी, वहां मैं जरूर जाऊंगा। आज प्रदेश में माफिया राज समाप्त हो चुका है। गुंडा टैक्स और वसूली पर रोक लगी है। अपराधियों के मन में पुलिस का भय है। पुलिस का मनोबल ऊंचा है। पहले न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी।

सीएम योगी ने लखनऊ में खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया।

सीएम योगी ने लखनऊ में परेड के दौरान महिला जवानों की सलामी ली।

सीएम ने कॉन्स्टेबल नेहा यादव को बेस्ट कैडेट का खिताब दिया।
‘यूपी में अब गुंडा टैक्स और वसूली नहीं होती’ योगी आदित्यनाथ ने कहा-2017 से पहले जिस प्रदेश में दंगे होते थे, वहां महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। अब दंगे होने से पहले ही उन्हें रोकने में यूपी पुलिस सक्षम है। यूपी में अब गुंडा टैक्स और वसूली नहीं होती है। आज यूपी पुलिस देश की बेहतरीन पुलिस बल है। 2017 में प्रशिक्षण की क्षमता मात्र 3 हजार थी। 60 हजार का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही किया गया है।
‘अपराधियों के लिए कठोर और नागरिकों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए’ योगी ने कहा- अब आप फील्ड ड्यूटी पर जाएंगे। अपराधियों के लिए जितना कठोर हों, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील भी होना चाहिए। आपने प्रशिक्षण लिया है। उम्मीद है कि आप यूपी पुलिस की गौरवमयी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा- 2017 की तुलना में पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ाया गया है। 2019–2020 से लगातार महिला सुरक्षा के लिए काम किए जा रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। पीएसी की तीन महिला बटालियन भी दी गई हैं।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने सीएम योगी को स्मृति चिह्न भेंट किया।
सिपाही भर्ती में कब-क्या हुआ-
- पुलिस भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति अक्टूबर 2023 में निकली थी। इसके लिए पहले फरवरी में परीक्षा हुई थी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। इसके बाद लिखित परीक्षा पिछले साल 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को कुल 10 पालियों में आयोजित की गई थी।
- 48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में 150 सवाल पूछे गए थे। हर सवाल के 2 नंबर तय थे, यानी कुल 300 नंबरों की परीक्षा हुई थी। माइनस मार्किंग भी थी, हर गलत सवाल पर 0.25 नंबर काटे गए। सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा के बाद 1,74,316 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था।
- 10 से 27 फरवरी 2025 के बीच फिजिकल टेस्ट कराया गया। 13 मार्च को फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया था। 12,048 महिलाओं और 48,196 पुरुषों ने परीक्षा पास की थी। 15 जून 2025 को सिपाहियों को जॉइनिंग लेटर दिए गए थे। 15 अभ्यर्थियों को अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से लखनऊ में लेटर बांटे थे।

