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यूपी में 2 दिन बाद फिर बिगड़ेगा मौसम:12 मई से आंधी-बारिश का अलर्ट; झांसी सबसे गर्म, 2 दिन में 5°C बढ़ा पारा

लखनऊ/वाराणसी/प्रयागराज/कानपुर : यूपी में आंधी-बारिश का सिलसिला दो दिन के लिए थम गया है। रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में मौसम साफ है। तेज धूप निकली है। हालांकि, हल्की ठंडी हवाएं धूप के असर को कम किए हुए हैं। रविवार को कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है।

करीब 7 दिन बाद शनिवार को दिन का तापमान 40°C पहुंच गया। रविवार को भी पारा 40°C से 43°C के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह से खत्म हो गया है।

हालांकि, 12 मई से मौसम फिर से बिगड़ेगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे बारिश का दौर फिर शुरू होगा। आंधी-तूफान और ओले जैसे हालात बनेंगे।

पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। झांसी सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.5°C रिकॉर्ड किया गया। दो दिन पहले यानी 8 मई को पारा 34.8°C रिकॉर्ड किया गया था। यानी 5°C का उछाल आया है। बिजनौर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 19.2°C रिकॉर्ड किया।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-

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यूपी में 30 अप्रैल से चल रहे बारिश के सिलसिले पर ब्रेक लग गया है। 2 दिन भीषण गर्मी पड़ेगी। कुछ इलाकों में रातें भी गर्म रह सकती हैं। हालांकि, फिलहाल लू से राहत मिलेगी। 12 मई से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। बारिश, आंधी-तूफान और ओले जैसे हालात बनेंगे।QuoteImage

प्रयागराज में धूप और गर्मी से बचाने के लिए महिला ने अपने बच्चे को कपड़े से ढंका। यहां अधिकतम तापमान 39.4°C के पार पहुंच गया है।

प्रयागराज में धूप और गर्मी से बचाने के लिए महिला ने अपने बच्चे को कपड़े से ढंका। यहां अधिकतम तापमान 39.4°C के पार पहुंच गया है।

तस्वीर प्रयागराज की है। महिला अपने बच्चे को धूप से बचाने के लिए कैप और कपड़े से कवर करके ले जाती दिखी।

तस्वीर प्रयागराज की है। महिला अपने बच्चे को धूप से बचाने के लिए कैप और कपड़े से कवर करके ले जाती दिखी।

शहरों का हाल

  • लखनऊ: लखनऊ में सुबह से मौसम साफ है। अगले एक सप्ताह में तापमान में 6 से 8 डिग्री की बढ़त हो सकती है। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचेगा।
  • कानपुर: आसमान साफ है। धूप निकली है। हालांकि, हवा भी चल रही है। बीते दिनों के मुकाबले सुबह के समय गर्मी महसूस हो रही है। तापमान 31 डिग्री के करीब है।
  • गाजियाबाद: सुबह से धूप खिली है। सुबह न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री के पार जाने का अनुमान है। दो दिनों में पारा 2 डिग्री उछला है।
  • बरेली: सुबह से तेज धूप निकली है। अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहने का अनुमान है। हवा की रफ्तार 10 से 15 किमी/घंटा रहने की संभावना है।

मौसम में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश हो रही है। वहीं, किसी-किसी दिन धूप के साथ मौसम साफ हो जा रहा है। अगले कुछ दिन ऐसे ही उतार-चढ़ाव के आसार हैं। इसका सीधा असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं।

मौसम?

  • 11 मई: पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। तेज धूप निकलेगी। दिन का पारा चढ़ेगा।
  • 12 मई: पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाए रहेंगे। बारिश होगी। 50 की रफ्तार से आंधी चलेगी।
  • 13 मई: पूरे प्रदेश में बादए छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आंधी चलेगी।
  • 14 मई: तेज हवा के साथ पूरे प्रदेश में बारिश होगी। कहीं-कहीं ओले और बिजली भी गिर सकती है।
  • 15 मई: पश्चिमी यूपी में मौसम साफ रहेगा। पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
तस्वीर अयोध्या की है। रविवार सुबह तेज धूप निकली। पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है।

तस्वीर अयोध्या की है। रविवार सुबह तेज धूप निकली। पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है।

इस साल मानसून में कम बारिश का अनुमान

निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मानसून में बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिमी. है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी।

एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं।

यूपी में भी मानसून में कम बारिश होगी

जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।

अल-नीनो और ला-नीना

  • अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3-4 डिग्री बढ़ता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इससे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है।
  • ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है।

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