देहरादून : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत एवं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जुलाई के लिए 150 मेगावाट और अगस्त के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹7800 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA)/वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने की भी मांग रखी।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से बातचीत करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
देश की लिए जरूरी जलविद्युत योजनाएं
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जलविद्युत और पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाएं राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें विशेष वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्र से यह भी आग्रह किया कि उत्तराखंड को ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर पूंजीगत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजनाएं आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य बन सकें। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बढ़ाने की मांग
बैठक में राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता बढ़ाने के लिए 500 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) परियोजना की क्षमता बढ़ाकर 665 MWh करने और संशोधित क्षमता के अनुरूप VGF उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार भी जताया।
यहां पढ़िए केंद्र से क्या-क्या मांगा?
- जुलाई के लिए 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
- अगस्त के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
- जलविद्युत और पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए ₹7800 करोड़ CFA/VGF
- पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर विशेष पूंजीगत सहायता
- 500 MWh BESS परियोजना की क्षमता बढ़ाकर 665 MWh करने की मंजूरी और VGF

