- भोपाल में अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसान सड़कों पर उतर आए हैं, हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों की मांग है कि मूंग दाल की पूरी फसल सरकार MSP पर खरीदे। इसके अलावा किसान ये भी मांग कर रहे हैं कि खाद के वितरण के लिए टोकन सिस्टम खत्म किया जाए। अपनी मांगों को लेकर किसानों की सीएम आवास घेरने की तैयारी है। पुलिस और प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। भोपाल में किसान आंदोलन के चलते कल होशंगाबाद रोड स्थित इलाकों में जाम की स्थिति बनी थी इसलिए आज इस इलाके के तमाम स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है।
सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ाई
किसान आंदोलन के मद्देनजर मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्यमंत्री निवास और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। SAF, RAF और 20 से अधिक थानों के पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। इसके अलावा वाटर कैनन, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
किसानों की क्या हैं मांगें?
किसान मुख्य रूप से 2 मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। पहली मांग ये है कि मूंग दाल की पूरी फसल सरकार MSP पर खरीदे। अभी सरकार केवल 25 फीसदी ही खरीद रही है, बाकी को किसान को बाजार में बेचना पड़ रहा है, जिससे उसका नुकसान हो रहा है। इसके अलावा किसान ये भी मांग कर रहे हैं कि खाद के वितरण के लिए टोकन सिस्टम खत्म किया जाए।
भोपाल में बड़ी संख्या में सड़कों पर किसान
किसानों की बड़ी संख्या भोपाल में सड़कों पर उतर आई है और उसका लक्ष्य सीएम आवास का घेराव करना है। किसान चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगे मान ले और सीएम हाउस का घेराव करके किसान अपनी शक्ति का परिचय देना चाहते हैं।

