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Fri. Apr 3rd, 2026

योगी ने हेलिकॉप्टर से देखा पूरा महाकुंभ:नागा संन्यासी बन रहीं 100 महिलाएं

दैनिक उजाला, प्रयागराज : महाकुंभ का आज 7वां दिन है। सीएम योगी प्रयागराज पहुंच गए हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर से महाकुंभ मेला क्षेत्र का जायजा लिया। थोड़ी देर में अफसरों के साथ मीटिंग करेंगे।

मंथन होगा कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर 8-10 करोड़ श्रद्धालु आए तो भीड़ कैसे संभालेंगे। 22 जनवरी को महाकुंभ में होने वाली कैबिनेट मीटिंग की तैयारियां, PM मोदी और राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम पर भी मंथन होगा।

रविवार को दोपहर 12 बजे तक 31 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अब तक कुल 8 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। 27 जनवरी को गृहमंत्री अमित शाह भी कुंभ आएंगे। वह संगम स्नान करके पूजा-अर्चना करेंगे।

महाकुंभ में धार्मिक अनुष्ठान भी चल रहे हैं। 100 महिला साधु नागा संन्यासी बन रहीं हैं। जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने नागा संन्यासियों को कड़ी सर्दी और खुले में संगम घाट पर दीक्षा दी।

मेला क्षेत्र के सेक्टर-6 में बालू को JCB से बराबर किया जा रहा था, तभी लाल कपड़े में लपेटा नवजात लड़के का शव मिला। इसके बाद काम रोक दिया गया। पुलिस के मुताबिक, शव करीब 10 दिन पुराना है।

रात 10 बजे महाकुंभ में बम की सूचना से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में बम की सूचना पर फोर्स मौके पर पहुंची। छानबीन के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

महाकुंभ की 3 तस्वीरें

सेक्टर-6 में बालू के नीचे दफन लाल कपड़े में लपेटा नवजात लड़के का शव मिला।

सेक्टर-6 में बालू के नीचे दफन लाल कपड़े में लपेटा नवजात लड़के का शव मिला।

संगम तट पर खुले में आधी रात सन्यासियों ने दीक्षा ली।

संगम तट पर खुले में आधी रात सन्यासियों ने दीक्षा ली।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रात में परिवार के साथ अवधेशानंद गिरि के शिविर में पहुंचे।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रात में परिवार के साथ अवधेशानंद गिरि के शिविर में पहुंचे।


मोदी बोले- महाकुंभ सामाजिक एकता को बढ़ाने वाला पर्व है

PM मोदी ने रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ के 118वें एपिसोड में कहा- प्रयागराज में महाकुंभ का श्रीगणेश हो चुका है। कुंभ का ये उत्सव विविधता में एकता का उत्सव मनाता है। संगम की रेती पर विश्व के लोग जुटते हैं। हजारों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में कहीं भी कोई भेदभाव नहीं, जातिवाद नहीं। ‘कुंभ’, ‘पुष्करम’ और ‘गंगा सागर मेला’ – हमारे ये पर्व, हमारे सामाजिक मेल-जोल को, सद्भाव को, एकता को बढ़ाने वाले पर्व हैं। ये पर्व लोगों को परंपराओं से जोड़ते हैं।




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