• जीएलए में विकसित भारत आत्मनिर्भरता की पहल

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत हर घर स्वदेशी घर-घर स्वदेशी कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने विशाल छात्र समुदाय को संबोधित करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनाने तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का शक्तिशाली संदेश दिया।

अपने विस्तृत उद्बोधन में अरुण सिंह ने कहा कि स्वदेशी की भावना कोई नई नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता से लेकर आज तक राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत आधारशिला रही है। उन्होंने 1905 के बंग भंग आंदोलन का उल्लेख करते हुए बताया कि जब भारतीयों ने ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार किया था, तब स्वदेशी की शक्ति ने अंग्रेजों को निर्णय वापस लेने पर मजबूर कर दिया था। गांधी जी, दीनदयाल उपाध्याय और अनेक महान नेताओं की तरह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वदेशी व आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय जनआंदोलन बनाने का आह्वान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर देश का गहरा विश्वास ही वह ताकत है, जिसने कोरोना काल में ताली-थाली जैसे प्रतीकों को भी पूरे राष्ट्र की सामूहिक ऊर्जा में बदल दिया। यही भरोसा भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से पूर्व देश में भ्रष्टाचार, नीतिगत स्थिरता की कमी और पॉलिसी पैरालिसिस के कारण निवेश ठप था, लेकिन आज भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।

अरुण सिंह ने देश में बने एक्सप्रेसवे, अटल टनल, वंदे भारत ट्रेनों, एयरपोर्ट निर्माण और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज भारत की सड़कें व विकास कार्य दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आज जिस गति से सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्टार्टअप, रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, वह स्वतंत्रता के बाद 70 वर्षों में भी नहीं हुआ था। गुजरात में इस वर्ष शुरू हो रही सेमीकंडक्टर यूनिटों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब मोबाइल, टीवी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सबसे महंगी ‘चिप’ भी भारत में ही बनेगी और यही वास्तविक आत्मनिर्भरता है। विश्वविद्यालय के छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि जीएलए ने तकनीकी शिक्षा, अविष्कार और नवाचार के क्षेत्र में अपना परचम लहरा रखा है। इसे और आगे ले जाने के लिए सभी छात्रों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़चढ़कर प्रतिभाग करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम से पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रही प्रदत्त शिक्षा एवं विद्यार्थियों को मिल रहे रोजगार के बारे में जानकारी दी।

कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता का सबसे सीधा अर्थ है स्वदेशी अपनाएं, देश को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि जो उत्पाद भारत में बने, मेड इन इंडिया वही हमारे घरों में उपयोग किए जाएंगे।

स्वदेशी व आत्मनिर्भरता का संकल्प दोहराया

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे और सभी ने विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने हेतु स्वदेशी व आत्मनिर्भरता का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर डा. दिव्या गुप्ता ने किया।

राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह का स्वागत कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता और सीएफओ डॉ. विवेक अग्रवाल ने किया। इस दौरान एमएलसी ठा. ओमप्रकाश सिंह, पूर्व विधायक कारिंदा सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय आदि उपस्थित रहे।

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