- रात में फॉल्ट होते ही घंटों गुल रहती है बिजली, दिन की ड्यूटी के बाद घर पहुंचे लाइनमैन फिर रात में बुलाए जाते हैं; ऊर्जा मंत्री के आदेश और निरीक्षण के बाद दिए गए सुझाव भी ठंडे बस्ते में
दैनिक उजाला, मथुरा/बलदेव : मथुरा जिले के बलदेव टाउन की बिजली व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है। करीब 53 ट्रांसफार्मरों और लगभग 3000 विद्युत कनेक्शनों की जिम्मेदारी महज दो लाइनमैन के भरोसे चल रही है। यही दोनों लाइनमैन दिन की ड्यूटी के साथ रात में होने वाले फॉल्ट भी संभाल रहे हैं। ऐसे में रात के समय गर्मी और बढ़े हुए लोड के चलते जब फॉल्ट होते हैं तो घर से मौके तक पहुंचने और फिर खराबी दूर करने में समय लग जाता है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है और कई बार घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन और रात की ड्यूटी के लिए अलग-अलग लाइनमैन होने चाहिए, ताकि रात में फॉल्ट होने पर कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर सकें। वर्तमान व्यवस्था में दिनभर ड्यूटी करने के बाद लाइनमैन घर जाते हैं और रात में फॉल्ट होने पर उन्हें दोबारा घर से निकलना पड़ता है। कई बार फॉल्ट इतना गंभीर होता है कि लाइनमैन को रात में घर जाने तक का मौका नहीं मिल पाता और लगातार विद्युत व्यवस्था संभालने में लगे रहते हैं। इससे कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है और उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बलदेव की समस्या केवल टाउन तक सीमित नहीं है। यही लाइनमैन करीब 25 किलोमीटर दूर तक 33 केवी लाइन में खराबी आने पर गोकुल से लेकर बलदेव तक विद्युत व्यवस्था को संभालने के लिए कार्य करते हैं। एक ओर टाउन के 53 ट्रांसफार्मर और करीब 3000 कनेक्शनों की जिम्मेदारी और दूसरी ओर 33 केवी लाइन के फॉल्ट को संभालने की जिम्मेदारी होने से दो लाइनमैन पर काम का अत्यधिक दबाव है। ऐसे में किसी भी समय फॉल्ट होने पर तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करना चुनौती बन जाता है।
बलदेव की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर पहले भी मामला शासन स्तर तक पहुंच चुका है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के आदेश के बाद डीवीवीएनएल के एमडी ने आगरा से मुख्य अभियंता को बलदेव भेजकर विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण कराया था। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के सामने विद्युत व्यवस्था सुधारने को लेकर कई सुझाव भी रखे थे। इनमें सबसे प्रमुख सुझाव दिन और रात की ड्यूटी के लिए अलग-अलग लाइनमैन की व्यवस्था करने का था, ताकि रात में फॉल्ट होने पर उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि निरीक्षण और सुझावों के बावजूद अभी तक व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया है। आज भी वही दो लाइनमैन दिन और रात की विद्युत व्यवस्था संभाल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब समस्या का कारण अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है और स्थानीय स्तर पर उसका समाधान भी सुझाया जा चुका है, तो फिर अतिरिक्त लाइनमैन की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।
बलदेव विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र पाण्डेय ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मांग की है कि बलदेव टाउन की विद्युत व्यवस्था को देखते हुए दिन और रात की ड्यूटी के लिए अतिरिक्त लाइनमैन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि 53 ट्रांसफार्मरों और करीब 3000 कनेक्शनों के साथ 25 किलोमीटर क्षेत्र की 33 केवी लाइन की जिम्मेदारी महज दो लाइनमैन पर डालना व्यावहारिक नहीं है। गर्मी के मौसम में रात के समय लोड बढ़ने से फॉल्ट की संभावना और बढ़ जाती है। ऐसे में अलग-अलग शिफ्ट में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती होने पर ही फॉल्ट का तत्काल निस्तारण और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने ऊर्जा मंत्री से मांग की कि पूर्व में कराए गए निरीक्षण की रिपोर्ट और स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए सुझावों की समीक्षा कर बलदेव में तत्काल अतिरिक्त लाइनमैन तैनात किए जाएं। साथ ही गोकुल से बलदेव तक 33 केवी लाइन की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों का कार्यभार भी देखते हुए अलग व्यवस्था की जाए, ताकि बलदेव टाउन के उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली लंबी बिजली कटौती से राहत मिल सके।

