- देश के कई राज्यों में अगले पांच दिन के अंदर मानसून की विदाई हो सकती है, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में मानसून 20 सितंबर के बाद विदाई ले सकता है।
नई दिल्लीः देश में अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कम होने लगी है और यह अब लौटने की तैयारी कर रहा है। देश का उत्तर-पश्चिमी इलाका सबसे पहले बारिश के मौसम को अलविदा कहेगा। इस बार मानसून लेट विदाई लेने वाला है। मानसून आम तौर पर अक्टूबर की शुरुआत के बाद ही देश से पूरी तरह विदा होता है लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं जहां पर सितंबर महीने के मध्य से ही मानसून की विदाई होने लगती है। उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी शुरू होने की सामान्य तारीख 17-18 सितंबर है, हालांकि इस साल थोड़ा लेट है।
राजस्थान से कब होगी मानसून की विदाई
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून की राजस्थान के कई हिस्सों से विदाई इस हफ्ते शुरू हो सकती है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी होने और मानसून विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। यानी 19 सितंबर के बाद राजस्थान से मानसून विदाई ले सकता है।
दिल्ली-हरियाणा में कब मानसून होगा विदा
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में बारिश का असर धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। इस बदलाव से आसमान साफ होगा और नमी कम होगी। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बंद हो सकती है। दिल्ली और उसके आस-पास के इलाके, हरियाणा और पंजाब में मानसून 20-21 सितंबर के बाद विदाई ले सकता है।
यूपी में कब मानसून की होगी विदाई
वहीं, अगले एक हफ्ते में उत्तर प्रदेश से मानसून विदा हो सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कई जिलों में बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है और संभावना है कि 22 सितंबर से दक्षिण-पश्चिमी मानसून उत्तर प्रदेश से विदा हो जाएगा। आईएमडी के अधिकारियों के मुताबिक सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर से शुरू होकर बीकानेर, चूरू, बरेली, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैला कम दबाव वाला क्षेत्र अभी राज्य के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसकी वजह से प्रदेश के कुछ जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान झमाझम बारिश हुई।
मानसून कैसे लौटता है?
मानसून का लौटना रातों-रात होने वाली घटना नहीं है। मौसम विभाग मानसून की वापसी की घोषणा 1 सितंबर के बाद तभी करता है जब तीन स्पष्ट संकेत मिलते हैं। उस इलाके में लगातार पांच दिनों तक बारिश न हो, सूखी हवा चलने लगे और निचले वायुमंडल में उच्च दबाव वाला सिस्टम बने। जैसे-जैसे सूखी हवा का असर बढ़ने लगता है वैसे-वैसे आसमान साफ होने लगता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बंद हो जाती हैं।

