नई दिल्ली : देश के 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की काउंटिंग जारी है। इनमें 5 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट से NCP उम्मीदवार सुनेत्रा पवार आगे चल रही हैं। सुनेत्रा पूर्व डिप्टी CM अजित पवार की पत्नी हैं। अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को विमान हादसे में निधन हो गया था।
भाजपा कर्नाटक की दावणगेरे साउथ, महाराष्ट्र की राहुरी, त्रिपुरा की धर्मनगर, गुजरात की उमरेठ और नगालैंड की कोरिडांग सीटों पर आगे है। कांग्रेस सिर्फ एक सीट, कर्नाटक की बागलकोट से बढ़त बनाए हुए है।
उपचुनाव वालीं सभी 7 सीटें पूर्व विधायकों की मौत के कारण खाली हुई थीं। कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। गुजरात की लिमखेड़ा और महाराष्ट्र के बारामती और राहुरी सीट पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी।
5वें राउंड में सुनेत्रा पवार की जबरदस्त बढ़त, 45 हजार वोटों से आगे
बारामती से NCP उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने पांचवें राउंड के बाद बड़ी बढ़त बना ली है। वह अब 45,010 वोटों से आगे चल रही हैं। लगातार बढ़ते अंतर से यह मुकाबला अब एकतरफा होता नजर आ रहा है, हालांकि अंतिम नतीजे के लिए आगे की गिनती अहम रहेगी।
राहुरी में दूसरे राउंड में BJP के अक्षय कर्दिले आगे, 5,371 वोट से लीड
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना जारी है। दूसरे राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा उम्मीदवार अक्षय कर्दिले 5,371 वोटों से आगे चल रहे हैं।
शुरुआती रुझानों में बढ़त बनाने के बाद कर्दिले ने दूसरे राउंड में भी अपनी लीड बरकरार रखी है।
हालांकि अभी कई राउंड की गिनती बाकी है, ऐसे में अंतिम नतीजों के लिए आगे की मतगणना निर्णायक होगी।
बारामती से सुनेत्रा पवार की बड़ी बढ़त, 26,773 वोट से आगे
महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में महायुति की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने बड़ी बढ़त बना ली है। वह 26,773 वोटों से आगे चल रही हैं। अब तक तीन राउंड की मतगणना हो चुकी है।
कर्नाटक में नतीजों से तय होगा डिप्टी CM शिवकुमार का भविष्य
कर्नाटक के बागलकोट और दावणगेरे साउथ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के राजनीतिक भविष्य और कांग्रेस की आंतरिक एकजुटता के बड़े टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है।।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन पार्टी संगठन को संभालने और संकट के समय डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी काफी हद तक डीके शिवकुमार पर रही है। ऐसे में इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि पार्टी के भीतर उनकी स्थिति कितनी मजबूत है।
इन नतीजों से सरकार पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान के कारण इन पर खास नजर बनी हुई है। ये उपचुनाव कांग्रेस विधायकों शमनूर शिवशंकरप्पा और एचवाई मेटी के निधन के बाद कराए गए थे।
कांग्रेस ने दोनों सीटों पर पूर्व विधायकों के परिवार के सदस्यों को उम्मीदवार बनाया हैं। दावणगेरे साउथ से समरथ मल्लिकार्जुन और बागलकोट से उमेश मेटी मैदान में हैं। वहीं बीजेपी ने दावणगेरे साउथ से श्रीनिवास टी दासकारीयप्पा और बागलकोट से वरिष्ठ नेता वीरन्ना चरंटीमठ को मैदान में उतारा है।
नगालैंड के कोरिडांग में बहुकोणीय मुकाबला, त्रिपुरा के धर्मनगर में त्रिकोणीय लड़ाई
नगालैंड और त्रिपुरा की विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। नगालैंड की कोरिडांग सीट पर जहां बहुकोणीय मुकाबला है, वहीं त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर त्रिकोणीय टक्कर बनी हुई है।
नगालैंड के मोकोकचुंग जिले की कोरिडांग सीट बीजेपी विधायक इमकोंग एल इमचेन के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने दाओचियर आई इमचेन को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन भी हासिल है। कांग्रेस, एनपीपी और निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले में हैं।
वहीं, त्रिपुरा की धर्मनगर सीट विधानसभा स्पीकर बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां भाजपा, कांग्रेस और CPI(M) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा से जाहर चक्रवर्ती, कांग्रेस से चयन भट्टाचार्य और CPI(M) से अमिताभ दत्ता प्रमुख उम्मीदवार हैं।

