नई दिल्ली : राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं।’
उन्होंने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’
20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 100 से ज्यादा छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल इनमें से एक है।

राहुल ने सबसे पहले साहिल के हाथ में लगी चोट को दिखाया।

फिर राहुल ने साहिल की टी-शर्ट उठाकर पीठ में हुए घाव को दिखाया।
साहिल की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना
राहुल ने जिस छात्र की चोट दिखाई। उसका नाम साहिल लोचाब है। वह 19 साल का है और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ का रहने वाला है।
20 जुलाई को जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की पैलेट गन से इनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई थी। AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी हुई है।
परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। उनकी मां ज्योति ने बताया, ‘वह पहले भी CJP के प्रदर्शन में गया था। सोमवार को भी यह कहकर गया कि यह उसके लिए जरूरी है और उसकी पढ़ाई से जुड़ा मुद्दा है। वह हमेशा पुलिस अधिकारी बनना चाहता था।’

यह तस्वीर 20 जुलाई की है, जब प्रदर्शन के दौरान घायल होने के बाद साहिल को अस्पताल पहुंचाया गया। आंख की सर्जरी की गई।

साहिल के सीने में भी पैलेट गन के घाव हैं। सबसे ज्यादा चोटों उनके शरीर के दाहिने हिस्से में आईं हैं।
राहुल बोले- धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं
राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश किया गया

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन से संबंधित है। प्रस्तावित संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है।

