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ममता बनर्जी की पार्टी का नाम ‘ममता टीएमसी’: सिंबल फुटबॉल प्लेयर; बागी गुट ‘डेमोक्रेटिक टीएमसी’ कहलाएगा, 6 अक्टूबर का उपचुनाव नए नाम-सिंबल पर

बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से 18 दिन पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं।

ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ दिया गया है।

इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाला मूल चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। यह अंतरिम व्यवस्था है। मूल नाम और चिह्न पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

अब दोनों गुट उपचुनाव में नई पार्टी नाम और सिंबल से चुनाव लड़ेंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर पर 6 अक्टूबर को वोटिंग हैं और रिजल्ट 9 अक्टूबर को आएगा।

TMC के दोनों गुट अपने-अपने उम्मीदवार उतार चुके

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे।

वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था।

ममता के पास अब सिर्फ 22 विधायक और 19 सांसद बचे

टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से दो सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 11 राज्यसभा सांसद बचे हैं।

विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीतीं थीं। जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।

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