सहारनपुर : सहारनपुर में गुरुवार को रालोद की स्वाभिमान रैली हुई। रैली में पहली बार जयंत पत्नी चारू चौधरी और बेटी सायरा के साथ पहुंचे। चारू चौधरी लाल रंग की काले बॉर्डर वाली साड़ी में, जबकि बेटी गुलाबी और नारंगी रंग के सूट में नजर आई।
जयंत के परिवार के साथ पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ गया। समर्थकों ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया। पंडाल में स्वागत गीत बजाए गए। इसी दौरान एक बुजुर्ग अपनी सीट से खड़े हो गए और खुशी से नाचने लगे।
रैली को संबोधित करने के दौरान जयंत चौधरी ने सपा और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता और व्यवस्था के खिलाफ खड़े होने वालों के लिए योगी बेहद सख्त हैं। लेकिन, किसान के लिए उनका दिल बेहद नरम है। जब विधायक गन्ने के रेट और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलते हैं, तो वह कहते हैं कि ‘मैं भी किसान हूं।’
गोचर कृषि इंटर कॉलेज मैदान में हुई रैली के लिए बड़ा पंडाल लगाया गया। 7 से 8 हजार लोग रैली स्थल पर मौजूद रहे।

जयंत चौधरी अपनी पत्नी चारु चौधरी और बेटी सायरा के साथ सहारनपुर की रैली में पहुंचे।

कार्यकर्ताओं ने जयंत चौधरी को फूलों का हार पहनाकर स्वागत किया।

जयंत चौधरी के आने पर एक बुजुर्ग अपनी सीट से खड़े होकर खुशी से नाचने लगे।
समाजवादी अब चौधरी अजित सिंह का विरोध करने लगे
जयंत ने कहा- किसानों और किसानी का विरोध करते-करते समाजवादी लोग अब चौधरी अजित सिंह का भी विरोध करने लगे हैं। किसान को यह पहचानने की जरूरत है कि उसका हिमायती और पक्षधर कौन है।
किसान बहुमत में है। उसके बल पर सरकारें बनती-बिगड़ती हैं। लेकिन, देश की कठोर हकीकत यह है कि राजनीतिक गलियारों में किसान की लॉबी कमजोर है। यही वजह है कि किसान को अपना वकील मजबूत चुनना होगा।
गन्ने में विपक्ष को रसगुल्ला दिखाई दे रहा है
गन्ने के मुद्दे पर जयंत ने विपक्ष को घेरा। कहा- विपक्ष में रहकर ऐसी बातें कही जाती हैं, जिनसे 4 वोट ज्यादा मिल जाएं। लेकिन, गन्ने के मुद्दे पर बात करने को वे तैयार नहीं हैं। इसका कारण शायद यह है कि उन्हें अभी भी रसगुल्ला दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष को चिट्ठी भी लिखेंगे। अगर वे राजी हुए तो एक अच्छा रसगुल्ले का पैकेट लखनऊ भी भेजेंगे।
वहीं, पूर्व विधायक मलूक नागर ने भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। कहा- चवन्नी, अठन्नी और रुपए की बात छोड़िए। सपा प्रदेश अध्यक्ष तो दो कौड़ी के अध्यक्ष हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में ऐसी कोई सीट नहीं है, जिसे रालोद के सहयोग के बिना सपा जीत पाती। उन्होंने दावा किया कि रालोद की वजह से ही कई सीटों पर विपक्षी गठबंधन को फायदा मिला।

आयोजन स्थल पर 7 से 8 हजार लोगों की भीड़ मौजूद रही।
युवाओं को खेती के साथ स्टार्टअप से जोड़ने पर जोर
जयंत चौधरी ने कहा- किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए युवाओं को पारंपरिक काम के साथ नए क्षेत्रों से जोड़ना जरूरी है। स्टार्टअप नई संभावनाओं से जुड़ा बड़ा क्षेत्र है। पिछले साल देश में डीपीआईटी से पंजीकृत करीब 55 हजार नए स्टार्टअप शुरू हुए हैं।
बिल क्लिंटन के बाद मेरा भी पत्थर लगेगा
जयंत चौधरी ने कहा कि 320 बीघा जमीन पर गोचर महाविद्यालय का निर्माण हुआ है। मैं शिक्षा मंत्री भी हूं। युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करूंगा। इस जमीन पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी आए हैं। चाहे कितनी भी निधि लग जाए, यहां विकास का काम जारी रहेगा। बिल क्लिंटन के बाद मेरा भी पत्थर लगेगा।

