- आधुनिक कृषि शिक्षा और शोध में जीएलए के विद्यार्थियों ने बढ़ाया विश्वविद्यालय का मान
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कृषि विज्ञान संकाय ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध आधारित शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। संकाय के आठ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित अन्नम डॉट एआई कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़, पंजाब में आयोजित इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत को दर्शाती है, बल्कि जीएलए विश्वविद्यालय में दी जा रही आधुनिक कृषि शिक्षा, प्रायोगिक प्रशिक्षण और शोध आधारित अधिगम की गुणवत्ता का भी प्रमाण है।
चयनित विद्यार्थियों में आयुष शंकर, दिया दीक्षित, दिया सैनी, सुदीक्षा श्रीवास्तव, निहारिका यादव, खुशी मल्होत्रा, अंजुम आरा खातून एवं प्रियंका कुमारी शामिल हैं। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसे विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।
इस इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि तकनीकों, स्मार्ट फार्मिंग, डेटा आधारित कृषि अनुसंधान, डिजिटल एग्रीकल्चर और आधुनिक कृषि नवाचारों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के साथ कार्य कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिससे उनके तकनीकी ज्ञान और शोध क्षमता में वृद्धि होगी।
जीएलए विश्वविद्यालय का कृषि विज्ञान संकाय वर्तमान समय की आधुनिक कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। संकाय में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, कृषि अनुसंधान सुविधाएं, प्रायोगिक प्रशिक्षण, फील्ड विजिट्स और इंडस्ट्री आधारित शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक कृषि तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों, जैविक खेती, प्रिसिजन फार्मिंग, ड्रोन तकनीक, कृषि उद्यमिता और एग्री-बिजनेस जैसे क्षेत्रों से भी जोड़ा जाता है।
विश्वविद्यालय में समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों के व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, लाइव डेमो और शोध गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम परिवर्तनों और तकनीकी प्रगति की जानकारी मिलती रहे। यही कारण है कि जीएलए विश्वविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और शोध कार्यक्रमों में लगातार चयनित हो रहे हैं।
कृषि विज्ञान संकाय के डीन डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह चयन विद्यार्थियों की मेहनत, संकाय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध उन्मुख वातावरण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज कृषि क्षेत्र तेजी से तकनीकी बदलावों की ओर बढ़ रहा है और ऐसे समय में विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना बेहद आवश्यक है। जीएलए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख कृषि शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इंटर्नशिप समन्वयक डॉ. कौशिक आट्टा ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के अवसर विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में सीखने, शोध करने और उद्योग आधारित अनुभव प्राप्त करने का मंच प्रदान करते हैं। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनके करियर को नई दिशा मिलती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में कृषि अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करेंगे।

