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जीएलए इलेक्ट्राॅनिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग के 92 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन

  • सिलिकॉन लैब्स में 19 लाख से अधिक का पैकेज, राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने छात्रों पर जताया भरोसा

दैनिक उजाला, मथुरा : तकनीकी शिक्षा, नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता और उद्योगोन्मुखी शिक्षा प्रणाली के कारण चर्चा में है। विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कैंपस प्लेसमेंट में 92 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन कराकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कैंपस प्लेसमेंट अभियान के दौरान देश और विदेश की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों ने विभाग के विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए। इनमें एक्सेंचर, कॉग्निजेंट, एम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया, बार्को, वैलियंस सॉल्यूशंस, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स, वीवो इंडिया, इनक्रीफ, सिलिकॉन लैब्स तथा स्पार्क मिंडा जैसी अग्रणी कंपनियां शामिल रहीं। इन कंपनियों ने विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता, संचार कौशल, नवाचार सोच, समस्या समाधान योग्यता तथा उद्योग के लिए उनकी तैयारी का व्यापक मूल्यांकन किया।

इस वर्ष विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि रही सिलिकॉन लैब्स द्वारा छात्र हिमांशु उपाध्याय का 19 लाख रुपये से अधिक के वार्षिक पैकेज पर चयन। यह उपलब्धि न केवल छात्र की प्रतिभा और परिश्रम को दर्शाती है, बल्कि विभाग में उपलब्ध कराए जा रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उद्योगोन्मुखी शिक्षण व्यवस्था की भी पुष्टि करती है। विभाग का औसत पैकेज लगभग 7 लाख रुपये वार्षिक रहा, जो उद्योग जगत में ईसीई स्नातकों की बढ़ती मांग और उनकी उपयोगिता को दर्शाता है।

19 लाख रुपये से अधिक के पैकेज पर चयनित छात्र हिमांशु उपाध्याय ने अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय में प्राप्त मजबूत तकनीकी आधार, प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक अनुभव, शिक्षकों का सतत मार्गदर्शन और नियमित प्लेसमेंट प्रशिक्षण ने उन्हें उद्योग की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया। प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान कई विद्यार्थियों को एक से अधिक कंपनियों से जॉब ऑफर प्राप्त हुए। विद्यार्थियों ने वीएलएसआई डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम्स, कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और कोर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में आकर्षक रोजगार अवसर प्राप्त किए।

वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए विभाग विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रहा है। विभाग में नियमित रूप से अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, तकनीकी कार्यशालाएं, औद्योगिक भ्रमण, कोडिंग प्रतियोगिताएं, नवाचार गतिविधियां, हैकाथॉन, विशेषज्ञ व्याख्यान और मॉक इंटरव्यू सत्र आयोजित किए जाते हैं। साथ ही विद्यार्थियों को 5जी कम्युनिकेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, वीएलएसआई डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम्स और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग जैसी उभरती तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जाता है।

विभाग वर्तमान में बी.टेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग, बी.टेक ईसी (माइनर इन कंप्यूटर साइंस), बी.टेक ईसी (स्पेशलाइजेशन इन वीएलएसआई), एम.टेक ईसी तथा पीएचडी ईसी जैसे आधुनिक एवं उद्योगोन्मुखी कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं और आधुनिक तकनीकों से परिचित हो सकें।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. विनय देवलिया ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे इंजीनियर तैयार करना है जो तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर सकें और उद्योग में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें। सह विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता ने कहा कि विभाग के शिक्षकों की प्रतिबद्धता, आधुनिक प्रयोगशालाएं, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम और निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम इस सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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