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अजित पवार बोले- BJP से ही होगा महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री:NCP-शिवसेना से बनेंगे डिप्टी सीएम: 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह

मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आए 7 दिन बीत चुके हैं। भाजपा, शिवसेना शिंदे और NCP अजित पवार गुट यानी महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतीं, लेकिन अब तक सीएम फेस पर सस्पेंस बना हुआ है।

इस बीच डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा- महाराष्ट्र में सीएम भाजपा से ही होगा। यह फैसला दिल्ली में महायुति की बैठक में लिया गया। शिवसेना और एनसीपी के डिप्टी सीएम होंगे।

उन्होंने कहा- यह पहली बार नहीं है कि सरकार बनने में देरी हुई है। 1999 में सरकार गठन में एक महीने का समय लगा था।

उधर, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भास्कर को बताया कि संघ से हरी झंडी मिलने के बाद CM पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम फाइनल कर दिया गया है। शपथ ग्रहण 5 दिसंबर को शाम 5 बजे मुंबई के आजाद मैदान में होगा। पीएम मोदी भी समारोह में मौजूद रहेंगे।

इस बीच, भाजपा विधायक दल की बैठक भी दो दिन आगे बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, 1 दिसंबर को होने वाली बैठक अब 3 दिसंबर को होगी। इस दिन दिल्ली से दो ऑब्जर्वर मुंबई आएंगे और विधायकों से चर्चा के बाद आधिकारिक रूप से CM फेस अनाउंस करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे डिप्टी CM का पद लेने को तैयार हैं, लेकिन गृह मंत्रालय पर अड़े हुए हैं। 29 नवंबर को शिंदे दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद मुंबई लौटे और सभी कार्यक्रम रद्द कर अपने गांव सातारा निकल गए। गांव में उनकी तबीयत बिगड़ गई है। मुंबई से डॉक्टरों की टीम पहुंची है।

गृह और वित्त मंत्रालय पर बात अटकी

शिंदे सरकार में गृह मंत्रालय देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्रालय अजित पवार के पास था।

शिंदे सरकार में गृह मंत्रालय देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्रालय अजित पवार के पास था।

शिंदे सरकार में डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस के पास ही गृह मंत्रालय था। वो इस मंत्रालय को छोड़ना नहीं चाहते हैं। वहीं शिंदे गुट का तर्क है कि अगर डिप्टी CM का पद हमें मिल रहा है तो गृह मंत्रालय भी उन्हें ही मिलना चाहिए। शाह के साथ बैठक में भी इसका हल नहीं निकल पाया।

पहले गृह मंत्रालय देवेन्द्र फड़णवीस के पास था। माना जा रहा है कि इस विवाद के चलते शाह की बैठक में कैबिनेट गठन पर कोई समाधान नहीं निकल सका। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि बीजेपी गृह मंत्री का पद कभी हाथ से नहीं जाने देगी।

सूत्रों के मुताबिक, शाह से चर्चा के बाद भी विभागों को लेकर गठबंधन में खींचतान मची हुई है। भाजपा गृह, राजस्व, उच्च शिक्षा, कानून, ऊर्जा, ग्रामीण विकास अपने पास रखना चाहती है। उन्होंने शिवसेना को हेल्थ, शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, उद्योग ऑफर किया है। वहीं NCP अजित गुट को वित्त, योजना, सहयोग, कृषि जैसे विभाग देने की पेशकश की है।

शिवसेना सांसद बोले- शिंदे को बड़े फैसले लेने गांव जाते हैं

इस बीच शिवसेना विधायक संजय शिरसाट ने कहा- शिंदे को जब भी कोई बड़ा फैसला लेना होता है तो वे अपने पैतृक गांव चले जाते हैं। इससे पहले शिरसाट ने कहा था कि मुझे नहीं लगता कि शिंदे डिप्टी CM का पद स्वीकार करेंगे।

शिवसेना के कुछ नेताओं का कहना है कि महायुति को इतनी बड़ी जीत शिंदे की अगुआई में मिली, इसलिए बिहार की तर्ज पर उन्हें मुख्यमंत्री होना चाहिए। बिहार में जदयू की कम सीटें हैं फिर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि शिंदे को डिप्टी CM बनना चाहिए।

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