दैनिक उजाला, डेस्क : यूपी में भीषण गर्मी के बीच बारिश का दौर शुरू हो गया है। सोमवार सुबह से गोंडा, मथुरा, बलरामपुर, संभल, आगरा, हाथरस, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गोंडा, संत कबीरनगर में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो रही है। हल्की हवा भी चल रही है। लखनऊ में बादल छाए हैं, सुबह बूंदाबांदी हुई।
बरेली में रात 12 बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई। सुबह 6 बजे तक बरसात जारी रही। करीब 6 घंटे की बारिश में शहर से हाईवे तक पानी भर गया। यहां लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर घुटने तक पानी भर गया है। पुलिसकर्मी पानी में खड़े होकर ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे हैं। कई कॉलोनियों में कमर तक पानी भरा है। सुभाषनगर पुलिया के पास रोड नदी जैसा दिख रहा है। मढ़ीनाथ पर भी पानी भर गया। सुभाष नगर पावर हाउस पर दो फीट पानी भर गया है।
यूपी में मौसम की तस्वीरें

आगरा सोमवार सुबह बारिश के चलते करीब 8 फीट सड़क धंस गई। इसमें वहां से गुजर रहा युवक मलबे में दब गया। 1 घंटे के बाद उसे बाहर निकला गया।

आगरा में नगला धमाली की सेन धर्म कांटा वाली गली का नजारा है। बारिश के बाद कॉलोनी की गली में नहर जैसा पानी बह रहा है।
आज 62 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और बारिश की चेतावनी है। पिछले 24 घंटे में वाराणसी देश में सबसे गर्म रहा, यहां का पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दूसरा सबसे गर्म जालौन रहा, यहां तापमान 42.6 डिग्री रहा। तीसरा सबसे गर्म पंजाब का भटिंडा वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान हरदोई में 23.5°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 जून को गोरखपुर के रास्ते यूपी में मानसून की एंट्री होगी।
पिछले 48 घंटे में बिजली गिरने से 26 लोगों की मौत हुई है। प्रयागराज में पति-पत्नी और उनकी दो बेटियां जिंदा जल गईं। वहीं, शाहजहांपुर में आंधी-बारिश से 45 साल की एक महिला की मौत हो गई। हीटस्ट्रोक से 7 लोगों की मौत हुई। वाराणसी में 4, सोनभद्र, गाजीपुर और मिर्जापुर में 1-1 लोगों की जान गई। प्रदेश में कुल 34 लोगों की मौत हुई।
6 घंटे की बारिश में बरेली पानी-पानी, 5 तस्वीरें
बरेली में रात 12 बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई। सुबह 6 बजे तक बरसात जारी रही। करीब 6 घंटे की बारिश में शहर से हाईवे तक पानी-पानी हो गया।





योगी बोले- अफसर प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करें
CM योगी ने आंधी-बारिश, ओले और बिजली गिरने को लेकर अधिकारियों को अलर्ट किया है। उन्होंने कहा- अधिकारी ग्राउंड पर उतरें। प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करें। राहत काम पर नजर रखें। आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, बारिश आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को मुआवजा दें। घायलों के अच्छे इलाज की व्यवस्था कराएं।

